भारत की पूरी शिक्षा प्रणाली को नये सिरे से बदलने की आवश्यकता : उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू

2018-11-20 15:01:01

भारत के उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने सोमवार को कहा कि देश की पूरी शिक्षा प्रणाली को नये सिरे से बदलने की आवश्यकता है, और वह समान शिक्षा प्रत्येक व्यक्ति के अनुरूप नहीं हो सकती।

उन्होंने कहा कि देश की वर्तमान शिक्षा प्रणाली प्रत्येक छात्र के भीतर मौजूद सहज क्षमता को पहचानने में विफल रही है, और इन अद्वितीय गुणों और क्षमताओं को पोषित करने और विकसित करने में भी असफल रही है।

नायडू ने कहा, संतुलित शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए युवाओं को स्वतंत्र रूप से सोचने की अनुमति दी जानी चाहिए।

नायडू ने दिल्ली विश्वविद्यालय के वार्षिक दीक्षांत समारोह में बोलते हुए कहा, "हमारी पूरी शिक्षा प्रणाली को नये सिरे से बदलने की आवश्यकता है। 'एक आकार सभी के लिए उपयुक्त' वाला हमारा दृष्टिकोण हमें कहीं नहीं ले जाएगा।"

उन्होंने कहा, "हम एक ही पाठ्यक्रम हर किसी पर नहीं थोप सकते।" उन्होंने यह भी कहा कि संतुलित शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूल के घंटों में से केवल आधा भाग कक्षाओं में खर्च किया जाना चाहिए, और बाकि समुदाय, खेल के मैदान, प्रकृति और खुली हवा में खर्च किया जाना चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने इस तथ्य पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की कि देश में शैक्षिक संस्थानों की संख्या में वृद्धि ने देश में दी गई शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार नहीं किया है।

इस अवसर पर, उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे अपनी डिग्री और मार्कसीट तक सीमित न रहें। डिग्री सिर्फ एक नींव होती है और यह छात्रों पर निर्भर करता है कि उस पर क्या बनाया जाए।

(अखिल पाराशर)

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी