चीन और भारत की थल सेना के बीच 7वां संयुक्त प्रशिक्षण छंगतू शहर में आयोजित होगा

2018-11-30 11:01:02

चीन और भारत की थल सेना के बीच संयकुत प्रशिक्षण का कोडनाम हाथ में हाथ है। यह दोनों देशों की सेनाओं के बीच संबंधों का एक चित्रण है। इसका मतलब है कि दोनों देशों की सेनाओं को समान सहयोग करना चाहिए, ताकि दोनों देशों और दोनों देशों की जनता को इससे लाभ मिले। 29 नवंबर को आयोजित चीनी रक्षा मंत्रालय के नियमित संवाददाता सम्मेलन में प्रवक्ता रेन क्वोछांग ने यह बात कही।

रेन क्वोछांग ने कहा कि 13 नवंबर को चीनी सैन्य आयोग के संयुक्त स्टाफ के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ शाओ युएनमिंग और भारतीय रक्षा सचिव मित्रा ने पेइचिंग में चीन और भारत के बीच 9वें रक्षा और सुरक्षा सलाह मशविरे की अध्यक्षता की। इस के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंध और दोनों सेनाओं के बीच संबंध, सीमा नियंत्रण और सीमा रक्षा सहयोग और समान रुचि वाले अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति जैसे मद्दों पर गहन रूप से विचार-विमर्श किया।

रेन क्वोछांग ने दोनों पक्षों की सहमति बताई कि दोनों देशों के नेताओं की समान सहमति के मार्गदर्शन में दोनों सेनाओं के बीच संबंध को आगे बढ़ाया जाए, ताकि सीमा क्षेत्र की शांति और सुरक्षा की गारंटी की जा सके।

चीन और भारत के परामर्श के अनुसार 10 से 23 दिसंबर तक दोनों देशों की थल सेना के बीच हाथ में हाथ है शीर्षक 7वां संयुक्त प्रशिक्षण छंगतू शहर में आयोजित होगा, जिसका विषय अनुकूली प्रशिक्षण, बुनियादी प्रशिक्षण, वास्तविक शूटिंग, व्यापक ड्रिल आदि शामिल है। अब दोनों सेना इस के लिए तैयारी कर रही है। (वनिता)

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