टिप्पणी:नहर -भावना के पीछे चीन पनामा संबंध

2018-12-03 19:01:00

एक दूसरे से हजारों किलोमीटर दूर, लेकिन एक नहर से जुड़ा है। ये सौ वर्षो में चीन पनामा संबंधों का प्रतिबिंब है। वर्ष 2017 में चीन और पनामा के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद दोनों देशों के संबंधों में ऐतिहासिक बदलाव आया है। मौजूदा चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की यात्रा से चीन पनामा संबंध नये युग में दाखिल हुआ है। पिछले एक साल में दोनों देशों के संबधों की छलांग के पीछे विश्व का आम रुझान और देशों के बीच नैतिकता भी दर्शाई गई है।

160 से अधिक साल पहले जत्थे वाले चीनी लोग पनामा नहर खोदने के लिए पनामा पहुंचे थे। वर्तमान में हर 14 पनामाई लोगों में से एक चीनी मूल का है। पनामा में इस समय 2 लाख 80 हजार प्रवासी चीनी रहते हैं, जिसका पैमाना लैटिन अमेरिका के चीनी समुदायों में आगे है।

पनामा नहर विश्व में सबसे महत्वपूर्ण जहाजरानी रास्तों में से एक है। चीन इस नहर का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है और वस्तुओं का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत देश भी है।

अब चीन और पनामा विकास के विशाल अवसर का सामना कर रहे हैं। पिछले एक साल में चीन के कई ऊर्जा, वित्तीय, दूर संचार, विनिर्माण और तकनीकी कंपनियां पनामा में आयीं और वहां हज़ारों नये रोज़गार पैदा हुए। एक पट्टी एक मार्ग प्रस्ताव ने दोनों देशों के दीर्घकालिक सहयोग के लिए एक मंच प्रदान किया है। वास्तव में पनामा विश्व स्तरीय लॉजिस्टिक्स बनाने की कोशिश कर रहा है, जो एक पट्टी एक मार्ग से जुड़ेगा।

चीन पनामा संबंधों के तेज़ विकास से साबित होता है कि अगर दोनों देश पारस्परिक सम्मान, समानता और विश्वास के सिद्धांतों पर कायम रहकर साहस के साथ बाधा दूर कर विकास का द्वार खोलेंगे, तो पारस्परिक लाभ वाली साझी जीत और समृद्ध भविष्य की अगवानी करेंगे। जितनी जल्दी यह द्वार खोला जाएगा, उतनी ही जल्दी दोनों देशों की जनता को कल्याण मिलेगा।

(वेइतुंग)

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी