राजपक्षे के श्रीलंका के प्रधानमंत्री के रूप में काम करने पर रोक लगी

2018-12-04 17:00:00

12 दिसंबर तक महिंदा राजपक्षे के श्रीलंका के प्रधानमंत्री के रूप में काम करने पर रोक लगी। साथ ही श्रीलंका के 49 मंत्रियों के पदों पर रोक लग गई है। श्रीलंका की अपीलीय अदालत ने 3 दिसंबर को यह अस्थायी आदेश दिया।

स्थानीय मीडिया ने रिपोर्ट दी कि अपीलीय अदालत ने महिंदा राजपक्षे और 49 मंत्रियों को अपने पदों के रूप में काम करना बंद करने की सूचना दी। साथ ही वे 12 दिसंबर को अदालत में सुनवाई में भाग लेने की ज़रूरत है। बाद में अपीलीय अदालत राजपक्षे और उनके नेतृत्व में प्रशासन की वैधता के मामले की सुनावाई करेगी।

23 नवंबर को श्रीलंका के पूर्व प्रधानमंत्री रनिल विक्रमेसिंघे समेत 122 सांसदों ने अपीलीय अदालत को याचिका भेजी और राजपक्षे और उनकी सरकार की वैधता पर शंका प्रकट की। वर्तमान में अपीलीय अदालत ने इस मामले में दो बार सुनवाई की।

26 अक्तूबर को श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने पूर्व सरकार भंग की और पूर्व प्रधानमंत्री रनिल विक्रमेसिंघे को पद से हटाया। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को नए प्रधानमंत्री पद पर नियुक्त किया। रनिल विक्रमेसिंघे ने कई बार घोषणा की कि वे प्रधानमंत्री का पद तय नहीं करेंगे। श्रीलंका के प्रधानमंत्री के पद में परिवर्तन के लिये संसद में वोट डालना ज़रूरी है। श्रीलंका की संसद में 24 नवंबर को और 16 नवंबर को राजपक्षे और उनकी सरकार के प्रति अविश्वास प्रस्ताव पारित हुआ।

(हैया)

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