चीन ने विश्व विकास भागीदारी को मजबूत करने और सतत शांति को बढ़ाने की अपील की

2018-12-06 19:30:06

गरीबी और अविकास संघर्ष का मुख्य स्रोत है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को वर्ष 2030 सतत विकास एजेंडे को व्यापक तौर पर लागू करना और विश्व विकास भागीदारी को मज़बूत करना चाहिये। साथ ही उन्हें सहायता की प्रतिबद्धता को पूरा करना और सतत विकास से सतत शांति को बढ़ाना चाहिये। संयुक्त राष्ट्र में चीनी स्थायी प्रतिनिधि मा चाओश्यू ने 5 दिसंबर को यह बात कही।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आयोजित “शांति का निर्माण और लगातार शांति :संघर्ष के बाद पुनः निर्माण, शांति, स्थिरता और सुरक्षा” के विषय पर बहस में मा चाओश्यू ने कहा कि संघर्ष होने के बाद देश आर्थिक विकास के तत्काल कार्यों का सामना करते हैं। केवल एक देश के लोग जीविका के साथ सुखमय जीवन बिताते हैं, तो यह देश अपनी शांति को सुदृढ़ कर और संघर्ष के फिर से होने से बच सकेगा।

संघर्ष के बाद फिर से निर्माण के बारे में मा ने कहा कि सभी पक्षों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी सिद्धांतों का पालन करना चाहिये। साथ ही उन्हें अभियुक्त देशों की संप्रभुता का सम्मान करना चाहिये। संबंधित पक्षों को इन देशों को अपनी राष्ट्रीय स्थिति के अनुकूल विकास के रास्ते की खोज करने में मदद करनी चाहिये। इसके अलावा सभी पक्षों को विकास और सुरक्षा दोनों पर ज़ोर देना जारी रखना चाहिये।

उन्होंने संघर्ष के बाद पुनः निर्माण में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के सभी विभागों को अपनी जिम्मेदारियों और अधिकारों का पालन करना चाहिये। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को अफ्रीकी देशों को “अफ्रीकी संघ के वर्ष 2016 से वर्ष 2020 तक शांति, सुरक्षा प्रणाली के रोड मैप” और “वर्ष 2063 एजेंडे” को लागू करने में सक्रिय समर्थन करना चाहिये। इसके अलावा क्षेत्रीय संगठनों को इस क्षेत्र में संघर्ष के बाद पुनः निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिये।

उन्होंने आगे कहा कि चीन दुनिया के साथ संघर्ष के बाद होने वाले देशों को लगातार शांति और आम समृद्धि को पूरा करने के लिये योगदान देना चाहता है। इसीलिये वे मानव भाग्य समुदाय का संयुक्त निर्माण कर सकेंगे।

(हैया)

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