यूएनएफ़सीसीसी में विकासित देशों में जलवायु कार्रवाई की प्रगति और अंतर पर बल दिया गया

2018-12-07 15:30:00

जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र के फ्रेमवर्क कन्वेंशन के सचिवालय ने 6 दिसंबर को केटोवाइस में आयोजित जलवायु सम्मेलन (यूएनएफ़सीसीसी) में यह रिपोर्ट दी और वर्ष 2020 से पहले विकासित देशों की जलवायु कार्रवाई की विभिन्न प्रगति और अंतर पर बल दिया गया।

इस रिपोर्ट से पता चला है कि वर्ष 1996 से वर्ष 2016 तक विकसित देशों में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 13 प्रतिशत की कमी आई है। साथ ही विकसित देशों ने उत्सर्जन को कम करने के उपायों में प्रगति पायी है। पेरिस समझौते के अनुसार यह बात वर्ष 2020 के बाद जलवायु कार्रवाई को बढ़ाने का महत्वपूर्ण आधार है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक विकसित देशों ने विकासशील देशों को पहले से अधिक वित्तीय सहायता दी। इस प्रकार की सहायता विकासशील देशों में कम-उत्सर्जन और जलवायु परिवर्तन के अनुकूल होने वाले विकास के रास्ते पर चलने की शाक्ति बन सकेगी। वर्ष 2016 में विकासित देशों ने विकासशील देशों को 49.4 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता दी, जो 2013-14 और 2015-16 रिपोर्ट की तुलना में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसके अलावा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और क्षमता के निर्माण क्षेत्र में विकासित देशों ने विकासशील देशों को समर्थन दिया। इस प्रकार के समर्थन ने विकासशील देशों में वर्ष 2020 के बाद अपनी जलवायु कार्रवाई का आधार मज़बूत बनाना शुरु किया।

लेकिन इस रिपोर्ट में पता चला है कि कुछ विकसित देश अपनी जलवायु कार्रवाई तय लक्ष्य से आगे हैं, जबकि अन्य विकासित देश अपनी जलवायु कार्रवाई लक्ष्य की तुलना में पीछे हैं। मौजूदा कदम और नीति को पूर्ण रूप से लागू करना इन देशों में प्रगति पाने के लिये काफी महत्वपूर्ण है।

(हैया)

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