आप्रवासन समस्या का पहला वैश्विक अनुबंध पारित

2018-12-11 11:01:00

संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा तैयार विश्व का पहला आप्रवासन समझौता “आप्रवासन समस्या का वैश्विक अनुबंध”10 दिसम्बर को मोरक्को के माराकाश में आयोजित बैठक में पारित किया गया। इस अनुबंध में अंतर्राष्ट्रीय आप्रवासन से संबंधित समस्याओं का हल करने का एक सहयोग ढांचा प्रस्तुत किया गया, जिस में 23 लक्ष्य शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटरेस ने इसे मुसीबतों व डांवाडोल स्थिति को रोकने वाला एक रोडमैप कहा।

गौरतलब है कि 2016 के सितम्बर माह में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने न्यूयार्क शरणार्थी व आप्रवासन घोषणा पत्र जारी किया, जिसमें सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सामान्य आप्रवासन को सुनिश्चित करने के लिए एक वैश्विक अनुबंध बनाने का निर्णय लिया गया। 2018 के जुलाई माह में संयुक्त राष्ट्र संघ के सदस्य देशों ने अनुबंध का अंतिम दस्तावेज तय किया और इस साल के 10 से 11 दिसम्बर को मोरक्को के माराकाश में आयोजित सरकारों के बीच बैठक में पेश किया गया। कुल 150 से ज्यादा देशों ने माराकाश बैठक में हिस्सा लिया।

अनुबंध में बताया गया कि कोई भी एक देश आप्रवासियों द्वारा पेश की गयी चुनौतियों का खुद निपटारा नहीं कर सकता है। इस समस्या के हल करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और वैश्विक साझेदारी संबंधों को मजबूत करने की जरूरत है। दस्तावेज में जोर दिया गया कि आप्रवासी विश्व समृद्धि, नवाचार और अनवरत विकास का एक स्रोत है। आप्रवासियों के निपटारे से उन की सक्रिय भूमिका अदा कर सकती है।

संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय आप्रवासन समस्या के विशेष प्रतिनिधि लुईस आर्बुर ने इस अनुबंध के पारित होने की प्रशंसा की और इसे बहुपक्षीयवाद की महान उपलब्धि बताया।

(श्याओयांग)

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