राष्ट्रपति द्वारा संसद भंग करने का निर्णय असंवैधानिक - श्रीलंका का सुप्रीम कोर्ट

2018-12-14 16:00:00

श्रीलंका के सुप्रीम कोर्ट ने 13 दिसंबर को फैसला सुनाया कि राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना के पिछले महीने में संसद को भंग करने और अगले वर्ष में अग्रिम में संसदीय चुनाव आयोजित करने का निर्णय असंवैधानिक था।

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस नलिन परेरा समेत सात सदस्यीय अदालत की टीम ने उसी दिन इस फैसले की घोषणा की। परेरा ने कहा कि संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति को अपनी इच्छाओं से संसद भंग करने का कोई अधिकार नहीं है। यदि राष्ट्रपति संसदीय कार्यकाल के अंत से पहले संसद भंग करना चाहते हैं, तो उन्हें सदस्यों के दो-तिहाई से अधिक की सहमति प्राप्त करनी होगी।

वर्तमान संसदीय कार्यकाल 2015 के अगस्त से शुरू होकर पाँच सालों तक चलेगा। श्रीलंकाई संविधान में यह निर्धारित किया गया है कि प्रत्येक संसद के साढ़ चार साल होने के बाद नई संसद के चुनाव की तैयारी की जा सकती है।

(नीलम)

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी