डब्ल्यूटीओ में अमेरिका के संरक्षणवादी उपायों पर चीन, यूरोप, जापान और भारत की आलोचना

2018-12-20 11:00:00

डब्ल्यूटीओ ने 19 दिसंबर को अमेरिका की व्यापारिक नीति पर 14वां विचार-विमर्श पूरा किया। 17 और 19 तारीख की सभा में चीन, यूरोपीय संघ, जापान और भारत समेत डब्ल्यूटीओ के कई सदस्यों ने क्रमश:एक वर्ष में अमेरिका द्वारा लागू की गई स्टील और एल्यूमीनियम टैरिफ़ वाली एकपक्षवाद और संरक्षणवाद की नीति, अपीलीय निकाय के सदस्यों के चयन में बाधा डालने की कार्यवाही की आलोचना की। डब्ल्यूटीओ के 40 से अधिक सदस्यों ने अमेरिका को 1 हजार 7 सौ से अधिक सवाल पेश किए। लेकिन अमेरिका अपनी सफाई देते हुए अपनी गलतियों को चीन पर मढ़ना चाहता है।

डब्ल्यूटीओ स्थित चीनी स्थाई प्रतिनिधि च्यांग शांग छेन ने भाषण देते हुए कहा कि विश्व के पहले बड़े आर्थिक समुदाय के रूप में पिछले एक वर्ष में अमेरिका ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई और दूसरों के हितों को नुकसान पहुंचाया।

डब्ल्यूटीओ स्थित यूरोपीय संघ के दूत मार्क वानहेउ वानहेउकेलेन ने भाषण देते हुए कहा कि बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था गहरे संकट में है, जबकि अमेरिका संकट के केंद्र में है। अमेरिका की अवधारणा झूल रही है, और उसकी व्यापार नीति ने वैश्विक व्यापार व्यवस्था के विश्वास को प्रभावित किया है।

भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि पहले समय में अमेरिका गैर-भेदभावपूर्ण व्यापार का प्रस्तावक था, लेकिन ऐसा लगता है कि अब उसने इस विचार को छोड़ दिया है। भारत को खेद है कि अमेरिका ने व्यापार प्रतिबंधों का दुरुपयोग किया और अपीलीय निकाय के सदस्यों के चयन में बाधा डाली।

(वनिता)

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