टिप्पणीः चीन की नई हैसियत

2018-12-25 18:00:04

संयुक्त राष्ट्र महासभा में हाल ही में पारित एक प्रस्ताव के मुताबिक चीन यूएन के नियमित बजट और शांति बजट का दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता देश बनेगा, जो वर्ष 2019-21 तक यूएन के नियमित बजट और शांति बजट में चीन का अनुपात अलग अलग तौर पर 12.01 प्रतिशत और 15.2 प्रतिशत होगा। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में चीन की इस नयी हैसियत के प्रति चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के नाते यह इधर कुछ साल चीन की आर्थिक मात्रा और प्रति व्यक्ति आय की वृद्धि का परिणाम है और चीनी अंतररराष्ट्री प्रभाव बढ़ने का प्रतिबिंब भी है।

चालू साल चीन के सुधार और खुलेपन की 40वीं वर्षगांठ है। 40 वर्षों में चीन की औसत सालाना वृद्धि दर 9.5 प्रतिशत रही। चीनी जनता गरीबी से सर्वांगीण खुशहाल समाज के नये युग में दाखिल हुआ है। वर्ष 2013 में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने एक पट्टी एक मार्ग का प्रस्ताव पेश किया, जो वैश्विक प्रशासन के लिए नया विचार, नई अवधारणा और नया उत्पाद है। पाँच साल में 100 से अधिक देशों और क्षेत्रों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया और 70 से अधिक देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने चीन के साथ एक पट्टी एक मार्ग सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किये।

चालीस वर्षों के सुधार और खुलेपन के इतिहास से यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि चीन विभिन्न देशों के साथ चिरस्थिर शांति, सर्वथा सुरक्षा ,समान समृद्धि ,खुलेपन और समावेश ,स्वच्छ और सुंदर विश्व के निर्माण के लिए अधिक बड़ो योगदान देना चाहता है। चीन दूसरे देश के बलिदान से अपना विकास पूरा करने का अनुसरण कतई नहीं करता। इसके साथ चीन अपना न्यायपूर्ण हितों को कतई नहीं छोड़ेगा।

(वेइतुंग)

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