शी के भाषण का समृद्ध अर्थ और महत्वपूर्ण प्रभाव हैं : दोनों तटों के विशेषज्ञ

2019-01-04 16:01:07

2 जनवरी को पेइचिंग में आयोजित "ताइवान के देशबंधुओं को सूचना पत्र" की 40वीं वर्षगांठ मनाने समारोह में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अहम भाषण दिया। दोनों तटों के कई विशेषज्ञों ने कहा कि इस बयान का युगांतरकारी महत्व है और इसके दूरगामी प्रभाव होंगे।

चीनी सामाजिक विज्ञान अकादमी के ताइवान संस्थान के उप निदेशक चू वेई डूंग ने कहा कि शी का बयान चीन के शांतिपूर्ण एकता का नया नीतिगत कार्यक्रम है, जो रचनात्मक और अभिनव है और इससे दोनों तटों के राजनीतिक मतभेदों को हल करने की ईमानदारी जाहिर होती है।

पेकिंग यूनिवर्सिटी के ताइवान रिसर्च इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष ली यीहू ने बताया कि शी द्वारा पेश नए युग में दोनों तटों के संबंधों के शांतिपूर्ण विकास, चीन की शांतिपूर्ण एकता को बढ़ावा देने का प्रस्ताव भविष्य में ताइवान के प्रति कार्यों की दिशा दिखाता है।

ताइवान की ऑब्जर्वेटरी पत्रिका के प्रकाशक और प्रधान संपादक जी शिन ने कहा कि इस बयान में कहा गया है कि "एक देश दो प्रणाली" के अनुसार ताइवान की वास्तविकता के आधार पर दोनों तटों के विभिन्न पक्षों की राय और सुझावों को पूरी तरह से विचार किया जाएगा। राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा, और विकास हितों को सुनिश्चित करने के आधार पर ताइवान हमवतन की सामाजिक प्रणालियों और जीवन शैली का पूरी तरह से सम्मान किया जाएगा और निजी संपत्ति, धार्मिक मान्यताओं, और वैध अधिकारों और हितों की पूरी तरह से गारंटी दी जाएगी। यह ताइवान हमवतन के तात्कालिक हितों के लिए एक स्पष्ट जवाब है।

ताइवान में चीन के पुन: एकीकरण के लिए गठबंधन के अध्यक्ष छ्यी च्या लिन ने कहा कि शी के बयान में ताइवान स्वतंत्रता व्यवहार को बर्दाश्त न करने का गंभीर रुख एक बार फिर स्पष्ट किया गया है।

(नीलम)

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी