पोम्पिओः अमेरिका मध्य पूर्व को नहीं छोड़ेगा

2019-01-09 16:03:00

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने 8 जनवरी को जोर्डन की राजधानी अम्मान पहुंचकर 8 दिवसीय मध्य पूर्व 8 देशों की यात्रा शुरू की। इस दौरान वे जोर्डन, मिस्र, बालिन, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, सऊदी अरब, कुवैत और अम्मान की यात्रा करेंगे और मध्य पूर्व की परिस्थिति आदि मुद्दों पर संबंधित देशों के साथ सलाह मश्विरा करेंगे। लोगों का मानना है कि पोम्पिओ की वर्तमान मध्य पूर्व यात्रा का मकसद इस पर जोर देना है कि अमेरिका इस क्षेत्र को दिये गये वचन का पालन करेगा और मध्य पूर्व क्षेत्र को नहीं छोड़ेगा।

पोम्पिओ की वर्तमान यात्रा का अन्य एक मकसद है कि संबंधित देशों के साथ और घनिष्ट लीग स्थापित करना है और मित्र देश सऊदी अरब और इजराइल के साथ मिलकर शत्रु देश ईरान का मुकाबला करना है। पोम्पिओ ने ईरान की निंदा की कि वह विश्व में आतंकवादियों का सब से बड़ा प्रयोजक है। परिचय के मुताबिक जोर्डन की यात्रा के दौरान पोम्पिओ अमेरिका-जोर्डन संबंध, द्विपक्षीय सहयोग, रीसिया, जोर्डन और इराक की व्यापारी परिस्थिति पर चर्चा करेंगे। मिस्र में वे मित्र के नेता से मिलेंगे और ईरानी समस्या, गाजा परिस्थिति, आतंकवाद विरोधी, अमेरिका-मिस्र अर्थतंत्र व ऊर्जा के सहयोग आदि अहम क्षेत्रीय सवालों पर चर्चा करेंगे। संयुक्त अरब अमीरात में पोम्पिओ व्यापार और निवेश का और विस्तार करने आदि द्विपक्षीय सवालों पर विचार करेंगे। सऊदी अरब की यात्रा के दौरान सऊदी अरब के पत्रकार की हत्या के बारे में पोम्पिओ जानकारी लेंगे। जबकि कुवैत में पोम्पिओ आर्थिक व रक्षा क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करेंगे।

(श्याओयांग)

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