​चीन के इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ाई जा रही है हिंदी

2019-01-16 16:01:00

यह स्कूल चच्यांग प्रांत की शाओशिंग काउंटी के एक छोटे से शहर खछ्याओ में मौजूद है। जो केंब्रिज यूनिवर्सिटी से संबद्ध अंतर्राष्ट्रीय स्कूल है। इसकी स्थापना वर्ष 2010 में चीनी और भारतीय लोगों ने मिलकर की। स्कूल के चेयरमेन चीनी व्यक्ति हैं ग्वो थोंगछन। उन्होंने अपनी बेटी स्टेसी छन के साथ खछ्याओ में अंतर्राष्ट्रीय स्कूल का सपना देखा। स्कूल की स्थापना में तीन भारतीय, राजेश सहगल, हेमंत दिया और संजय सुखनानी ने भी अहम भूमिका निभायी। जो स्कूल के आधिकारिक बोर्ड में शामिल हैं। यह चच्यांग प्रांत का एकमात्र स्कूल है, जो केंब्रिज यूनिवर्सिटी से संबद्ध है। भट्नागर बताते हैं कि पहले खछ्याओ में कोई भी इंटरनेशनल स्कूल नहीं था, और यहां रहकर बिजनेस करने वाले विदेशियों के पास अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलवाने का बेहतर विकल्प नहीं था। लेकिन स्कूल शुरू होने के बाद यह कमी पूरी हो गयी। ध्यान रहे कि खछ्याओ टेक्सटाइल संबंधी काम के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। जिसकी वजह से यहां तमाम भारतीय और अन्य देशों के व्यापारी रहते हैं। साथ ही विदेशी व्यापारी यहां टेक्सटाइल की खरीददारी के लिए भी आते हैं।

मूल रूप से उदयपुर राजस्थान के रहने वाले आशीष चीन आने से पहले सऊदी अरब,मलावी और भारत में काम कर चुके हैं। वह कहते हैं खछ्याओ में शुरुआत के बाद से यह स्कूल लगातार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देते हुए तरक्की कर रहा है। इस स्कूल में 3 वर्ष से 18-19 वर्ष की आयु तक के विद्यार्थी पढ़ने आते हैं, जिन्हें केंब्रिज यूनिवर्सिटी के तमाम पाठ्यक्रम पढ़ाए जाते हैं। जिसमें चार अलग-अलग स्तर है, केंब्रिज प्राइमरी, केंब्रिज मिडिल स्कूल, केंब्रिज लोअर सेकेंडरी और केंब्रिज सेकेंडरी। स्कूल में अध्यापकों की नियुक्ति केंब्रिज पाठ्यक्रम के आधार पर होती है और समय-समय पर उन्हें ट्रेनिंग आदि भी दी जाती है।

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