भारत और चीन को फिल्मी आदान-प्रदान में सहयोग करना चाहिए- किशोर जावड़े

2019-01-23 17:00:00

भारत और चीन को फिल्मी आदान-प्रदान में सहयोग करना चाहिए- किशोर जावड़े

इधर के सालों में चीन और भारत के बीच सांस्कृतिक आवाजाही बढ़ रही है। इंडिया-चाइना फिल्म सोसाइटी के अध्यक्ष किशोर जावड़े ने हाल में मुम्बई में चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ संवाददाता को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि चीन-भारत सांस्कृतिक आवाजाही के सबसे अहम माध्यम की हैसियत से वे आशा करते हैं कि भविष्य में दोनों देशों की अधिक से अधिक फिल्में एक-दूसरे बाजार में प्रवेश कर सकेंगी। भारत और चीन की फिल्मों की अपनी-अपनी विशेषताएं हैं। दोनों को द्विपक्षीय आवाजाही में एक दूसरे से सीखना चाहिए।

किशोर जावड़े ने जयपुर में चीनी अंतरारष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के आयोजन में भाग लिया और भारतीय प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व कर चीन में आयोजित चिनचि पाईहुआ यानी गोल्डन मुर्गा और सौ फूल फिल्म महोत्सव में हिस्सा लिया। लम्बे समय तक वे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को आगे बढ़ाने में जुटे हुए हैं और दोनों देशों के फिल्म उद्योग की वर्तमान स्थिति से परिचित हैं। उन्होंने कहा कि प्राचीन सभ्यता वाले देश होने के नाते भारत और चीन का इतिहास बहुत पुराना है। दोनों देशों की फिल्में भी अपनी-अपनी विशेषता और शैली हैं।

जावडे ने कहा कि दैनिक जीवन में भारतीय लोग परम्परागत पारिवारिक विचारधारा को बड़ा महत्व देते हैं, इसलिए दर्शक बॉलीवुड फिल्मों में संबंधित कई तत्व देख सकते हैं। जबकि चीनी फिल्मों में कुंफू एक विशेषता है। अनेक चीनी फिल्मी सितारों के भारत में भी बहुत फैन हैं। दोनों देशों की फिल्मों की भिन्नताओं को मद्देनजर दोनों सहयोग कर सकते हैं। फिल्मी आदान-प्रदान में भारी निहित शक्ति मौजूद ही नहीं, उसका भविष्य भी सुनहरा होगा

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