शी चिनफिंग की आम लोगों के बीच में कहानी 1 --- गांवों में चीनी सपना

2019-02-05 10:02:00

ल्यांगच्याहो उत्तर-पश्चिम चीन के पठार पर स्थित एक छोटा सा गांव है। 15 से 22 साल की उम्र तक चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने इस गांव में जीवन बिताया। उन पर इस गांव का गहरा प्रभाव पड़ा। चीन में वास्तविक सामाजिक स्थिति और नागरिकों की इच्छा समझने के बाद शी चिनफिंग ने लोगों के लिए योगदान देने का अपना लक्ष्य मजबूत किया। आज से हम लगातार अगले सात दिनों में आपको चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और नागरिकों के बीच की कहानी सुनाएंगे। आज के इस विशेष कार्यक्रम में हम आपको पहला भाग सुनाने जा रहे हैं, जिसका शीर्षक है गांवों में चीनी सपना।

शी चिनफिंग की आम लोगों के बीच में कहानी --- गांवों में चीनी सपना

22 सितंबर 2015 को अमेरिका की यात्रा कर रहे चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने वाशिंगटन में स्थानीय सरकार और मित्रवत समूहों द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में एक कहानी साझा की।

"गत् 60 के दशक के अंत में मेरी उम्र महज दस साल से अधिक होगी। उस समय मैं पेइचिंग से चीन के शानशी प्रांत के येनआन शहर में स्थित ल्यांगच्याहो नामक एक छोटे से गांव पहुंचा। वहां जाकर मैंने एक किसान के रूप में काम किया। वहां मैंने 7 साल बिताए। बाद में मैं इस गांव की पार्टी कमेटी का महासचिव नियुक्त हुआ और गांववासियों के साथ उत्पादन का विकास करने में प्रयास किया। उस समय मेरी सबसे बड़ी आशा थी कि गांववासी स्वादिष्ट और पौष्टिक खाने का पूरा आनंद उठाएं।"

शी चिनफिंग की आम लोगों के बीच में कहानी --- गांवों में चीनी सपना

यह शी चिनफिंग के लिए एक विशेष अनुभव है। वर्ष 1969 में 15 वर्षीय शी चिनफिंग ने 1 करोड़ 70 लाख युवा छात्रों के साथ देश के आह्वान पर शहर से गांव जाकर काम करना शुरू किया। 7 सालों के प्रयास के बाद शी चिनफिंग को पूरी तरह स्थानीय किसानों ने स्वीकार किया। ल्यांगच्याहो के गांववासी 63 वर्षीय शी छुनयांग ने याद करते हुए कहाः

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