अमेरिका ने चीनी कानूनों को गलत समझा है : चीनी विदेश मंत्रालय

2019-02-18 19:02:00

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने 18 फरवरी को अमेरिका के उप राष्ट्रपति माइक पेंस के बयान का खंडन करते हुए कहा कि चीन सरकार ने अपने उद्यमों और व्यक्तियों से वाणिज्यक चोरी करने की मांग नहीं की है और ऐसा करने की चाहत भी नहीं रखता है। आशा है कि अमेरिका चीनी कानूनों को गलत और एकतरफ़ा तौर पर नहीं समझेगा।

माइक पेंस ने हाल ही में कहा कि चीन के कानून के मुताबिक चीन के सुरक्षा विभाग चीनी दूरसंचार कंपनियों के उपकरणों से जुड़े सभी डाटा की जानकारी ले सकते हैं। साथ ही अमेरिका में कुछ और व्यक्तियों ने भी यह दावा किया है कि चीनी सूचना कानून के मुताबिक चीनी कंपनियों को सरकार की सूचना चोरी कार्यवाहियों का साथ देना पड़ता है। इस सवाल को लेकर चीनी प्रवक्ता ने कहा कि चीनी सूचना कानून में यह निर्धारित है कि सूचना का काम कानूनी तौर पर किया जाना चाहिये और इसमें मानवाधिकार तथा व्यक्तियों व संगठनों के कानूनी हितों की रक्षा की जानी चाहिये। चीन के दूसरे कानूनों में भी व्यक्तियों व संगठनों के कानूनी हितों और खासकर सुरक्षा व गोपनीयता की रक्षा में नियम बनाये गये हैं। अमेरिका को चीनी कानूनों की संपूर्ण जानकारियां प्राप्त होनी चाहिये।

चीनी प्रवक्ता ने यह भी कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड जैसे "फाइव आइ एलायंस" तथा फ्रांस एवं जर्मनी आदि पश्चिमी देशों ने राष्ट्रीय सूचना कार्यों में व्यक्तियों व संगठनों की तालमेल संबंधी नियम भी बनाये हैं। उधर चीन सरकार अपने उद्यमों से विदेशों में काम करने के दौरान स्थानीय कानूनों का पालन करने की मांग करती रही है। यह रुख अपरिवर्तनीय है। आशा है कि विभिन्न देश उचित प्रतियोगिता के सिद्धांत के अनुसार व्यापारिक सहयोग के लिए स्वस्थ वातावरण तैयार करेंगे। लेकिन अमेरिका और इसके कुछ मित्र देशों ने इस सवाल पर दोहरा मापदंड अपनाकर चीनी उद्यमों के वैध अधिकारों व हितों पर प्रहार किया, जो सरासर नक़ली, अनैतिक और अनुचित है।

( हूमिन )

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