क्वांगतुंग शेर नृत्य प्रदर्शन भारत में लोकप्रिय बना

2019-03-04 16:01:00

3 मार्च को भारत में चीन के क्वांगतुंग श्रमिक शेर नृत्य संघ का चलता-फिरता प्रदर्शन खत्म हुआ। पारंपरिक शेर नृत्य प्रदर्शन चीन के प्रथम राष्ट्रीय अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल है। भारत में 4 दिनों के चलते-फिरते प्रदर्शन के दौरान इस शेर नृत्य प्रदर्शन को व्यापक रूप से प्रशंसा मिली।

28 फरवरी को चीनी परंपरागत शेर नृत्य प्रदर्शन को मुंबई के राष्ट्रीय प्रदर्शन कला केंद्र में पहले से प्रस्तुत किया गया।

क्वांगतुंग श्रमिक शेर नृत्य संघ के अध्यक्ष और प्रमुख कोच जाओ वेई-बिन ने कहा कि हान राजवंश से चीनी परंपरागत शेर नृत्य निकला है। इस नृत्य का इतिहास लगभग 2 हजार साल पुराना है। चीनी शेर नृत्य में से क्वांगतुंग शेर नृत्य चीनी लोक कला और लोक परंपरा बनी है, जो नृत्य, संगीत, मार्शल आर्ट और नटकला का एकीकृत रूप है। क्वांगतुंग शेर नृत्य सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक है। हर त्योहार और महत्वपूर्ण गतिविधि के मौके पर शेर नृत्य दिखाया जाता है। वर्ष 2006 पारंपरिक शेर नृत्य प्रदर्शन को चीन के प्रथम राष्ट्रीय अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में चुना गया।

मुंबई में स्थित चीनी कौंसल जनरल थांग गुओथ्सई ने कहा कि पिछले साल के अंत चीन-भारत उच्च स्तरीय मानवतावादी आदान प्रदान तंत्र का पहला सम्मेलन आयोजित हुआ। इस के बाद दोनों देशों के बीच मानवतावादी आदान-प्रदान काफी मज़बूत हुआ है। ड्रैगन और शेर नृत्य चीन में बहुत लोकप्रिय परंपरागत सांस्कृतिक कला हैं। दिखाने के लिये क्वांगतुंग शेर नृत्य मंडल ने भारत का दौरा किया। यह बात दोनों देशों के बीच विभिन्न संस्कृति के सामंजस्यपूर्ण मिश्रण का प्रतीक है।(हैया)

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी