प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना उग्रवाद दूर करने का प्रभावी कदम:चीन के काश्गर क्षेत्र के प्रमुख

2019-03-18 11:02:00

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने 15 मार्च को जेनेवा में चीन के मानवाधिकार रिपोर्ट की पुष्टि की ।चीनी सरकार प्रतिनिधि मंडल के सदस्य और शिनच्यांग काशगर प्रिफेक्चर सरकार के प्रमुख पारहाथी रोजी ने उस दिन जेनेवा स्थित चाइना रेडियो इंटरनेशनल के संवाददाता के साथ हुई बातचीत में बताया कि अभ्यासों से यह साबित हुआ है कि व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना उग्रवाद दूर करने का प्रभावी तरीका है।

चीन के शिनच्यांग वेवूर स्वायत्त प्रदेश के दक्षिण पश्चिम में स्थित काश्गर क्षेत्र में 90 प्रतिशत से अधिक लोग वेवूर जाति के हैं ,जिनमें से अधिकांश गांवों में रहते हैं। पिछली सदी के 90 वाले दशक से उग्रवादी धार्मिक विचार के फैलाव से काश्गर में सामाजिक माहौल रूढ़िवादी होता जा रहा और सांसारिक संस्कृति का बहिष्कार होता रहा। इसके साथ विभिन्न किस्मों की हिंसक आतंकवादी घटनाएं कभी कभी पैदा होती हैं।

पारहाथी रोजी लंबे समय तक काश्गर की स्थानीय सरकार में कार्यरत एक वेवूर जाति के अधिकारी हैं। उन्होंने बताया कि उग्रवादी विचारों का घुसना सबसे पहले राति रिवाज़ और दिनचर्या की गतिविधियों में शुरू हुआ। विवाह समारोह में गाना और नृत्य जैसे परंपरागत कार्यक्रमों को छोड़ा गया और अंतिम संस्कार में रोना भी बंद किया गया। इसके बाद शराब और सिगरेट पर पाबंदी शुरू हुई। स्कूल जाने और टीवी देखने की रोकथाम भी शुरू हुई। उग्रवादी लोगों की नज़र में अस्पताल जाना बुरी बात भी है और गैर मुस्लिमों से बनायी गयी वस्तुएं हराम मानी जाती हैं। उग्रवादी विचारों का प्रभाव भयानक हद तक बढ़ा है। उन्होंने बताया, माता पिता के मरने के बाद रोना मना है और आंसू बहना भी मना है। उग्रवादी व्यक्ति के विचार में अल्लाह हमें प्राण देते हैं। अल्लाह प्राण ले जाते हैं, तो रोने का क्या मतलब है। खुशी होनी चाहिए। विवाह समारोह में गाना और नाचना भी मना है। ये वेवूर जाति की परंपरा के एकदम विपरीत है।

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