टिप्पणीः प्राचीन रेशम मार्ग में नयी जीवित शक्ति डालेंगे चीन और इटली

2019-03-23 16:31:00

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 22 मार्च से रोम पहुंचकर इटली की यात्रा शुरू की। उन्होंने इटली के राष्ट्रपति से वार्ता की और संयुक्त रूप से पत्रकारों से मुलाकात की। दोनों देशों के विभिन्न जगतों के लोगों ने शी चिनफिंग की इटली यात्रा का सक्रिय मूल्यांकन किया और माना कि यह यूरेशियाई महाद्वीप के आपसी संपर्क व समान विकास के लिए हितकारी होगा, ताकि पुराने रेशम मार्ग में नयी जीवित शक्ति डाली जा सके।

अंतर्राष्ट्रीय संकट के बाद इटली क्रमशः 2008 और 2012 में दोबारा आर्थिक मंदी में फंसा। इस साल के आंकड़े बताते हैं कि गत वर्ष इटली के जीडीपी में क्रमशः कमी आयी है। इटली तीसरी आर्थिक मंदी में प्रवेश करेगा। 2000 से 2018 के बीच इटली में जीडीपी की वार्षिक वृद्धि दर 0.2 प्रतिशत थी, जो पिछले 10 सालों में यूरो क्षेत्र के औसत 2 प्रतिशत के विकास स्तर से कम थी। इसलिए इटली ने बाहर पर नजर रखी। लेकिन यूरोपीय संघ ने उससे आर्थिक तपस्या नीति अपनाने की मांग की। जिससे रोम और ब्रसेल्स के बीच सरकारी बजट की वजह से बार बार विवाद पैदा हुआ। 2017 में इटली के तत्कालीन प्रधानमंत्री ने चीन में पहले एक पट्टी एक मार्ग अंतर्राष्ट्रीय सहयोग शिखर मंच में भाग लेते समय कहा कि यह इटली के लिए एक बहुत अच्छा मौका है। इटली इस में मुख्य भूमिका निभा सकता है।

गत अगस्त में इटली की नयी सरकार के गठन के सिर्फ 2 महीनों के बाद चीनी मिशन दल की स्थापना की गयी। जिसका मकसद चीन के साथ विभिन्न स्तरीय सहयोग को मजबूत करना है। यह इटली की सरकार द्वारा खास तौर पर किसी एक देश के लिए स्थापित खास कार्य दल है। इस दल के प्रभारी चीन से परिचित इटली आर्थिक शास्त्री मिचेले गेरासी हैं। उन्होंने अनेक बार जोर दिया कि चीन के साथ सहयोग करने से इटली चीन को और ज्यादा फैशन, मशीनरी, व्यंजन, रासायनिक उत्पाद आदि सामानों का निर्यात कर सकता है।

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