टिप्पणीः हाए नान फिर चीन के खुलेपन के विस्तार का साक्षी बना

2019-03-28 19:31:01

पिछले साल के बोआओ एशिया मंच में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बड़े पैमाने पर बाज़ार पहुंच के विस्तार, अधिक आकर्षक निवेश वातावरण की स्थापना, बौद्धिक संपदा अधिकार संरक्षण की मज़बूती, आयात के संवर्द्धन समेत खुलेपन की चार महत्वपूर्ण कार्रवाईयां घोषित की, जिसने चीन में नये दौर के खुलेपन की प्रक्रिया शुरू की। एक साल के बाद 2019 बोआओ एशिया मंच में चीनी प्रधान मंत्री ली खछ्यांग ने फिर खुलेपन के विस्तार का स्पष्ट संकेत दिया है। हाएनान फिर चीन के खुलेपन के विस्तार का साक्षी बना।

चीन के 40 वर्षों के विकास में मिली उपलब्धियों को देखा जाए, तो खुलापन निसंदेह चीन की सफलता के मुख्य कारणों में से एक है। अपना द्वार खोलने से चीन तेज़ी से विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था, विनिर्माण का दूसरा सबसे बड़ा देश ,वस्तु व्यापार का सबसे बड़ा देश बना है। इसके अलावा चीन का विदेशी मुद्रा भंडारण लगातार कई वर्षों से विश्व के पहले स्थान पर रहता है। इन उपलब्धियों पर चीनी लोग उत्साहित हैं। भावी रास्ते पर उनका मजबूत यकीन है कि उच्च गुणवत्ता विकास अधिक खुले वातावरण में पूरा किया जा सकेगा। चाहे बाहरी बदलाव क्यों न हो, चीन के सुधार और खुलेपन की नीति नहीं बदलेगी। यह चीन के विकास की ज़रूरत है।

28 मार्च को बोआओ एशिया मंच के उद्घाटन समारोह पर चीनी प्रधान मंत्री ली खछ्यांग ने फिर खुलेपन की सिलसिलेवार कार्रवाईयां घोषित कीं, जैसे चीन सरकार इस साल के अंत से पहले विदेशी उद्यम निवेश कानून की ठोस नियमावलियां बनाएगी ताकि वे अगले साल की 1 जनवरी को विदेशी उद्यम कानून के साथ लागू होंगी और इस जून के अंत से पहले विदेशी उद्यम निवेश की मंजूरी की नकारात्मक सूची का संशोधन कर उसे जारी करेगा और इत्यादि। ये कदम चीन के खुलेपन की जरूरत है और विश्व के लिए चीनी मौका साझा करने के लिए भी लाभदायक है ,जिस से वैश्विक के लिए चीन की जिम्मेदारी जाहिर हुई है ।(वेइतुंग)

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