टिप्पणीः चीन और अमेरिका को बड़े देश का कर्तव्य निभाना चाहिए

2019-04-04 13:32:00

इसके मद्देनजर चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बार बार जोर दिया कि सहयोग चीन-अमेरिका के बीच सबसे अच्छा विकल्प है। चीन-अमेरिका संबंधों के स्वस्थ व स्थिर विकास को बरकरार रखना दोनों देशों की जनता के बुनियादी हितों से मेल खाता है, साथ ही अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की व्यापक प्रतीक्षा भी है।

सहयोग के क्षेत्र में चीन ने एक पट्टी एक मार्ग पहल प्रस्तुत की और क्रमशः 30 हज़ार सैनिकों को भेजकर संयुक्त राष्ट्र शांति कार्यवाई में भाग लिया। चीन ने नये दौर के सुधार व खुलेपन को आगे बढ़ाया और विश्व के लिए नये विकास मौके की रचना की। हालिया यूरोपीय यात्रा के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने चीनी प्रस्ताव पेश कर विभिन्न देशों से वैश्विक प्रशासन में सक्रिय रूप से कार्यवाई करने की अपील की। यह चीन द्वारा मानव साझे भाग्य वाले समुदाय को आगे बढ़ाने के लिए किया गया नया प्रयास है।

विश्व का सबसे बड़ा विकासशील देश होने के नाते, हाल में चीन अब भी 1.66 करोड़ आबादी को गरीबी से छुटकारा नहीं दिला पाया है। फिर भी चीन ने अपने अंतर्राष्ट्रीय कर्तव्य का पालन करने से इनकार नहीं किया है। विश्व का सबसे बड़ा विकसित दश होने के नाते अमेरिका को भी एक बड़े देश का कर्तव्य निभाना चाहिए। हाल में नौवें दौर की चीन-अमेरिका आर्थिक व व्यापारिक वार्ता अमेरिका के वाशिंगटन में हुई। मतभेदों पर नियंत्रण , सहयोग का विस्तार और वैश्विक विश्वास का पुनरुत्थान करने जैसे कदम चीन-अमेरिका आर्थिक व व्यापारिक वार्ता में प्रत्यक्ष रूप से दिखने चाहिए।

(श्याओयांग)

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