इंडियन एक्सप्रेस में चीनी राजदूत का आलेख प्रकाशित

2019-04-05 15:02:00

4 अप्रैल को भारत के प्रमुख अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में भारत स्थित चीनी राजदूत लो चाओ ह्वेई का एक आलेख प्रकाशित हुआ। इस आलेख में चीन और भारत के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 69 सालों में आपसी संबंधों में आए कुछ उतार-चढ़ाव के बावजूद मैत्री और सहयोग होने की प्रवृत्ति बने होने की बात कही गई।

इस आलेख के मुताबिक चीन और भारत के बीच 1 अप्रैल, 1950 को राजनयिक संबंधों की स्थापना हुई। इसके बाद दोनों देशों के बीच हनीमून के बाद सीमांत मुठभेड़ के चलते हिमयुग आ गया। लेकिन सन 1990 के दशक में दोनों देशों के संबंधों में गर्माहट लौटने लगी। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद इन संबंधों के सुधार में तेज गति आयी। राष्ट्रपति शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों के सुधार के लिए भरसक कोशिश की है। वर्ष 2018 के अप्रैल में दोनों शीर्ष नेताओं ने वूहान शहर में ऐतिहासिक अनौपचारिक वार्ता की।

चीनी राजदूत ने अपने आलेख में कहा कि दोनों देशों के राजनेता हमेशा चीन-भारत संबंधों की मुख्य दिशा पर कायम रहकर काम कर रहे हैं। साथ ही चीन-भारत संबंधों के आगे विकास का रूझान अनिवार्य ही है। तीसरा है कि दोनों देशों के बीच संस्कृति और शिक्षा समेत मानवीय आदान प्रदान करने से द्विपक्षीय संबंधों की जनमत नींव को मजबूत किया गया है। इस के अतिरिक्त चीन अनेक सालों से भारत का सबसे बड़ा व्यापार सहपाठी बना हुआ है। दोनों के बीच चिकित्सा व दवा, सूचना तकनीक और इंटरकनेक्शन के संदर्भ में सहयोग करने की बड़ी संभावना है। अंततः चीन और भारत महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय सवालों पर सहयोग करने और मतभेदों को नियंत्रित करने के माध्यम से आपसी विश्वास और सहयोग का विस्तार करेंगे।

चीनी राजदूत ने कहा कि अगले साल चीन और भारत के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ होगी। हम मानव के समान भाग्य वाले समुदाय की समान स्थापना से चीन-भारत संबंधों की दीर्घकाल तक स्थिरता बनाये रखने का प्रयास करेंगे। विश्वास है कि चीन और भारत दो पुराने सभ्यता वाले देश होने के नाते नव उभरती शक्तियों के बीच मैत्रीपूर्वक रहने का रास्ता खोज सकेंगे।

( हूमिन )

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