रूसी विदेश मंत्रीः मध्य-पूर्व मुद्दे पर अमेरिका का "शताब्दी समझौता" चिंताजनक है

2019-04-08 11:34:00

रूसी विदेश मंत्री सेर्गेई लावरोव ने 7 अप्रैल को जॉर्डन की राजधानी अम्मान में कहा कि रूस गोलान हाइट्स और यरुशलम पर अमेरिका के फैसले और मध्य-पूर्व के मुद्दे पर अमेरिकी "शताब्दी समझौते" के संभावित नकारात्मक प्रभाव को लेकर चिंतित है। उन्होंने अमेरिका को मध्य-पूर्व में अन्य देशों के हस्तक्षेप कार्य को समाप्त करने की अपील की।

लावरोव ने 7 तारीख को जॉर्डन का दौरा किया और जॉर्डन के विदेश मंत्री अयमान सफादी से मुलाकात की। इसके बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में लोवरोव ने कहा कि वर्तमान में रूस ने अमेरिका के "शताब्दी समझौते" के कुछ विवरण के बारे में पता लगा है। ये सामग्री चिंताजनक है।

सफादी ने कहा कि जॉर्डन को अमेरिका के "शताब्दी समझौते" के बारे में कुछ जानकारी नहीं मिली। फिलिस्तीनी-इजरायल मुद्दे पर जॉर्डन का स्पष्ट रुख है। सुल्तान अब्दुल्ला द्वितीय ने बार बार दोहराया कि फिलिस्तीनी लोगों के वैध अधिकारों की गारंटी देना चाहिये और पूर्वी येरुशलम को अपनी राजधानी बनाकर एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना करना है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपना पद संभालने के बाद ही फिलिस्तान और इजरायल के बीच परम शांति को बढ़ावा देने के लिए तथाकथित "शताब्दी समझौते" की कल्पना करना शुरू कर दिया था। फिलिस्तीनी पक्ष का मानना है कि इस विचार ने येरूशेलम मुद्दे, फिलिस्तीनी शरणार्थी मुद्दे और यहूदी बस्ती की समस्या को वार्ता से बाहर निकाला। इसलिए फिलिस्तीन इसे स्वीकार नहीं करेगा। अंजली

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी