टिप्पणीः अमेरिका का एकतरफावाद विश्व शांति के लिए खतरनाक

2019-04-09 20:01:01

इधर के दिनों में मध्य पूर्व की स्थिति डांवाडोल रही है। कई पक्षों के बीच झगड़े का विस्तार हुआ है, जिसके पीछे अमेरिका की छाया दिखती है। 9 अप्रैल को इजराइल ने संसदीय चुनावों का आयोजन किया। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि गोलान हाइट्स पर इजराइल की प्रभुसत्ता है, जिसका अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने जबरदस्त विरोध किया। साथ ही ट्रम्प ने ईरान की इस्लामी क्रांतिकारी टुकड़ी को आतंकी संगठन घोषित किया। यह पहली बार है कि अमेरिका ने किसी एक देश की सशस्त्र शक्ति को आतंकवादी संगठन घोषित किया। इन दो घटनाओं से यह जाहिर हुआ है कि अमेरिका की मध्य पूर्व रणनीति तेज़ी से बदल रही है। एकतरफावादी कार्यवाई संभवतः विश्व शांति को नुकसान पहुंचाएगी।

25 मार्च को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू के साथ विज्ञप्ति पर हस्ताक्षर कर गोलान हाइट्स पर इजराइल की प्रभुसत्ता को औपचारिक रूप से मान्यता दी। 27 मार्च को सुरक्षा परिषद ने आपात बैठक बुलायी। सुरक्षा परिषद के 15 स्थायी सदस्य देशों और गैर स्थायी सदस्य देशों में अमेरिका के अलावा बाकी 14 देशों ने एक स्वर में इसका विरोध किया। अरब लीग ने अमेरिका की एकरतरफावादी कार्यवाई का जबरदस्त विरोध किया। सयुक्त राष्ट्र महासचिव, यूरोपीय संघ की विदेश व सुरक्षा नीति की वरिष्ठ प्रतिनिधि, अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष ने संयुक्त रूप से अरब लीग शिखर सम्मेलन में भाग लिया और अरब देशों को समर्थन दिया। मध्य पूर्व में ईरान की स्थिति दिन ब दिन मजबूत होते देख अमेरिका भी चिंतित है। अमेरिका ने ईरान को अमेरिका और इजराइल की सबसे गंभीर धमकी माना। अमेरिका ने ईरानी नाभिकीय समझौते से हटने के बाद ईरान के खिलाफ प्रतिबंध पुनः शुरू किये, जिससे ईरान पर नियंत्रण करने का इरादा दिखाया गया।

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