जेट एयरवेज़ का संकट और गहराया

2019-04-16 18:02:00

15 अप्रैल मुंबई: पहले से ही संकट में चल रही जेट एयरवेज़ की हालत और भी खराब हो गई है क्योंकि इसमें पैसा लगाने वाले ऋणदाताओं ने अपना पैसा लगाने से मना कर दिया है। जेट एयरलाइन के अफ़सरों और निवेशकों के बीच चली एक दिन की बैठक में ऋणदाताओं ने एयरलाइन्स में पैसा लगाने से इंकार कर दिया।

जेट एयरवेज़ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय दुबे ने बताया कि जैसा कि आप जानते होंगे कि हम अपनी तरफ़ से एयरलाइंस के लिये पैसे की व्यवस्था करने में जुटे हैं लेकिन हमें अभी तक इसमें कोई सफलता नहीं मिली है, इसलिये अब गुरुवार यानी 19 अप्रैल तक सभी अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों की बुकिंग रोक दी गयी है।

इससे पहले अंतिम समाचार मिलने तक एयरलाइंस के पास 14 विमान थे लेकिन अब उनमें से भी सिर्फ़ 7 विमान ही उड़ान भर रहे हैं क्योंकि उनके पास गुरुवार दोपहर तक के ईंधन की व्यवस्था हो पाई है।

पहले इसके ऋणदाता ने 216 मिलियन अमेरिकी डॉलर का ऋण देने की बात कही थी लेकिन बाद में उसने सिर्फ़ तीन करोड़ साठ लाख अमेरिकी डॉलर का ऋण ही एयरलाइंस को दिया जिससे हालत जस की तस बनी हुयी है।

इस समय जेट एयरलाइंस के ऊपर 1.15 बिलियन अमेरिकी डॉलर का ऋण बोझ है।

पंकज

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