सीडीएसी आदान-प्रदान और आपसी सीख का अच्छा मंच है- नेपाली प्रकाशक

2019-05-12 15:01:00

“एशियाई सभ्यताओं का संवाद सम्मेलन विभिन्न सभ्यताओं के बीच आपसी समझ और सीख के लिए एक अच्छा मंच मुहैया करवाएगा, जिसका वैश्विक प्रभाव होगा।”नेपाली आधुनिक प्रकाशन गृह के अध्यक्ष गौतम ने हाल में चीनी संवाददाता को दिए एक इन्टरव्यू में यह बात कही।

एशियाई सभ्यताओं का संवाद सम्मेलन (सीडीएसी) जल्द ही पेइचिंग में आयोजित होने जा रहा है। गौतम इस सम्मेलन में भाग लेंगे। नेपाली आधुनिक प्रकाशन गृह और चीन के करीब 60 प्रकाशन संस्थाओं के बीच सहयोगी संबंध कायम हुआ। साल 2012 से अब तक इस प्रकाशन गृह ने “तिब्बत का इतिहास” समेत 100 से अधिक चीनी किताबों को नेपाली भाषा या अंग्रेज़ी भाषा तक अनुवाद करके नेपाल में प्रकाशित किया

प्राचीन भारतीय सभ्यता का दक्षिण एशियाई क्षेत्र में अहम स्थान कायम रहा, जिससे दस अरब से अधिक जनसंख्या प्रभावित हुई। गौतम के विचार में भारतीय सभ्यता और चीनी सभ्यता मिलती-जुलती है। मसलन् दोनों परिवार के मूल्य पर महत्व देते हैं। त्यौहार के क्षेत्र में कई समानताएं भी मौजूद हैं। नेपाल में सबसे महत्वपूर्ण त्यौहार देसाई उत्सव है, इसके बाद आधा महीना दीपावली त्यौहार मनाया जाता है, वहीं चीन में वसंत त्यौहार के महीने के बाद युआनश्याओ त्योहार मनाया जाता है। इसके अलावा, भारतीय सभ्यता इतिहास में मध्य एशियाई, पश्चिम एशियाई और दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्र के बीच घनिष्ठ संबंध कायम हुआ है। समानताएं होने के नाते विभिन्न सभ्यताओं के बीच संवाद का समान विषय उपलब्ध है, जिस पर विचार विमर्श किया जा सकता है। नेपाली प्रकाशक गौतम ने यह बात कही।

उन्होंने कहा कि नेपाल चीन और भारत के बीचोंबीच स्थित है। तीनों देशों को पहाड़ों और नदियों से जोड़ा जाता है। नेपाल चीन और भारत दोनों के साथ आर्थिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक आदि क्षेत्रों में संबंध कायम करता है। इस तरह वह क्षेत्रीय विकास को आगे बढ़ाने में सेतु की भूमिका निभा सकता है।

(श्याओ थांग)

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