सभ्यताओं का संवाद विभिन्न देशों के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की महत्वपूर्ण गारंटी है : चीन

2019-05-13 19:01:01

सभ्यताओं की विविधता का सम्मान करना विश्व की शांति और सामंजस्य बनाए रखने की महत्वपूर्ण पूर्वशर्त है। सभ्यताओं का संवाद करना विभिन्न देशों के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की महत्वपूर्ण गारंटी है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता कंग श्वांग ने 13 मई को पेइचिंग में आयोजित नियमित संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही। उन्होंने कहा कि चीन एशियाई सभ्यताओं के संवाद सम्मेलन (सीडीएसी) का आयोजन करेगा, जिसका उद्देश्य है कि इस मंच के माध्यम से एशिया में रंगबिरंगी सभ्यताओं की सुन्दरता को दिखाकर विभिन्न सभ्यताओं के बीच आदान-प्रदान और आपसी सीख को मजबूत करना, और विभिन्न देशों के बीच मित्रवत सहयोग को आगे बढ़ाना है।

जल्द ही सीडीएसी में भाग ले रहे ग्रीस के राष्ट्रपति प्रोकोपिस पावलोपोलोस ने हाल में मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि “सभ्यताओं के बीच विवाद वाली विचारधारा” बड़ी गलती है। विश्व की शांति विभिन्न सभ्यताओं के बीच संवाद और आवाजाही, संपर्क और आपसी समझ पर निर्भर रहती है। प्राचीन सभ्य देश होने के नाते ग्रीस और चीन सभ्यताओं के संवाद को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसकी चर्चा करते हुए चीनी प्रवक्ता कंग श्वांग ने कहा कि चीन राष्ट्रपति पावलोपोलोस के इस विचार की उच्च मान्यता ही नहीं उसका प्रशंसक भी है।

कंग श्वांग ने कहा कि हमारे विचार में हरेक देश के पास अपनी राष्ट्रीय स्थिति के अनुसार खुद का विकसित रास्ता चुनने का अधिकार है। विभिन्न देशों को समानता, आपसी सीख, संवाद और समावेश वाली सभ्य विचारधारा पर डटे रहते हुए सभ्यताओं के बीच मुठभेड़ दूर करना चाहिए। चीन इसलिए सीडीएसी का आयोजन कर रहा है कि इस मंच के माध्यम से एशियाई सभ्यताओं की सुन्दरता दिखायी जाए, विभिन्न सभ्यताओं के बीच आवाजाही और आपसी सीख को मजबूत किया जाए और देशों के बीच मित्रवत सहयोग को आगे बढ़ाया जाए।

 (श्याओ थांग)

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