चीन-अमेरिका आर्थिक व्यापारिक विवाद से न्यूयार्क शेयर बाजार में भारी गिरावट

2019-05-14 15:31:01

पिछले हफ्ते अमेरिका सरकार ने 10 मई से चीन से आयातित 2 खरब डॉलर की वस्तुओं के टैरिफ़ को 10 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक बढ़ाने का एलान किया। चीनी राज्य परिषद के अधीन टैरिफ़ समिति ने 13 मई को विज्ञापन जारी कर कहा कि अमेरिका के उपरोक्त कदम से चीन-अमेरिका आर्थिक व्यापारिक विवाद और तीव्र हो गया। जिसने सलाह मशविरे के जरिए व्यापारिक मतभेदों के हल करने की सहमति का उल्लंघन किया और दोनों पक्षों के हितों को नुकसान पहुंचाया है। यह अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की व्यापक प्रतीक्षा से मेल नहीं खाता है। बहुपक्षीय व्यापारिक व्यवस्था की रक्षा करने और खुद के कानूनी हितों की रक्षा के लिए चीन को विवश होकर अमेरिका से आयातित 60 अरब वस्तुओं के आंशिक भागों पर ज्यादा टैरिफ़ लगाना होगा। चीन-अमेरिका व्यापारिक विवाद से प्रभावित होकर 13 मई को अमेरिका के न्यूयार्क शेयर बाजार में दाओ जोन्स इन्डेक्स और नास्दाक कम्पोजिट इंड़ेक्स में भारी गिरावट आयी। गोल्डमेन सैक्श ग्रुप और व्यापारिक परामर्श कंपनी समेत अमेरिका के विभिन्न तबकों ने खुलेआम कहा कि टैरिफ़ अमेरिका के अर्थतंत्र को नुकसान पहुंचाएगा।

अमेरिका ने चीन समेत अनेक देशों के खिलाफ़ व्यापारिक युद्ध छेड़ा, जिससे कई देशों ने भी अमेरिका के निर्यातित वस्तुओं पर दंड देने वाले टैरिफ़ भी लगाये।

अमेरिका के व्यापारिक युद्ध के खिलाफ़ चीन ने भी प्रतिक्रिया की। चीन ने एलान किया कि चीन 1 जून 2019 से अमेरिका से आयातित 60 अरब वस्तुओं के आंशिक भागों पर और अधिक टैरिफ़ लगाएगा, टैरिफ़ दर को उन्नत किया जाएगा। जिसमें क्रमशः 25 प्रतिशत, 20 प्रतिशत या 10 प्रतिशत का और टैरिफ़ लगेगा। पहले 5 प्रतिशत टैरिफ़ बढ़ाने वाली वस्तुओं पर फिर भी 5 प्रतिशत का टैरिफ़ लगाया जाएगा।

चीनी राज्य परिषद की टैरिफ़ समिति ने कहा कि टैरिफ़ को बढ़ाने का कदम अमेरिका की एकतरफ़ावादी और व्यापार संरक्षणवादी प्रतिक्रिया है। साथ ही चीन आशा करता है कि अमेरिका द्विपक्षीय आर्थिक व व्यापारिक वार्ता के सही रास्ते में वापस लौट सकेगा और चीन के साथ उभय प्रयास कर आपसी सम्मान के आधार पर एक आपसी लाभ व साझी जीत वाले समझौते पर हस्ताक्षर कर सकेगा।

(श्याओयांग)

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी