चीन-अमेरिका व्यापार घर्षण से अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में व्यापक चिन्ताएं फैलीं

2019-05-18 19:31:00

अमेरिका ने हाल ही में दो खरब अमेरिकी डालर के चीनी मालों पर 25 प्रतिशत की कर वसुली का ऐलान किया। अमेरिका और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के विभिन्न जगतों में इससे आर्थिक मंदी संपन्न होने की चिन्ता पैदा होने लगी है।

अमेरिका के उटाह स्टेट के भूतपूर्ण संसदीय अध्यक्ष ग्रेग हुघेस ने कहा कि चीन को वैश्विक उद्योग श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। उटाह स्टेट का विकास चीन से जुड़ा हुआ है। हमारे स्टेट में अधिकाधिक कारोबारों और लोगों का विचार है कि चीन के साथ अच्छे आर्थिक और व्यापारिक संबंध बनाये रखा जाना चाहिये। अमेरिकी सोयाबीन संघ के प्रधान डेविड स्टेफन्स ने कहा कि अमेरिका के सोयाबीन की फसल उगाने वाले किसानों को चीन के साथ व्यापार घर्षण से भारी नुकसान पहुंचा है। अमेरिकी रिटेलर्स संघ के प्रधान मैथ्यू शेह ने कहा कि नयी कर वसुली कदम करने से अमेरिका के लिए "बहुत बड़ा जुआ" है। अमेरिका में रोजगार और उपभोक्ताओं को अधिक लागत चुकानी पड़ेगी और इससे विश्व के हित के लिए अनुकूल भी नहीं है।

संयुक्त राष्ट्र एशिया और प्रशांत आर्थिक और सामाजिक समिति के कार्यकारिणी सचिव आर्मिदा अलिसजाबाना ने कहा कि एशिया व प्रशांत क्षेत्र में बहुत से देशों के चीन और अमेरिका दोनों के साथ घनिष्ठ व्यापार संबंध बने हुए हैं। दोनों देशों के व्यापार घर्षण से इस क्षेत्र पर प्रभाव पड़ेगा। आशा है कि दोनों के बीच एक आपसी लाभ समझौता संपन्न हो सकेगा।

उधर फ्रांस के वित्त मंत्री ब्रुनो ले मैरी ने चेतावनी देते हुए कहा कि व्यापार युद्ध करने का मतलब केवल हार ही है। जर्मन के औद्योगिक संघ के स्थायी सदस्य जोचीम लांग का मानना है कि अमेरिका ने एकतरफावादी नीति लागू कर दूसरे देशों के हितों को हानि पहुंचायी है। रूसी विज्ञान अकादमी के सुदूर पूर्व संस्थान के शोधकर्ता वैसिली कास्हीन ने यह विचार व्यक्त किया कि अगर अमेरिका चीन के साथ व्यापार घर्षण का विस्तार करेगा, तो अमेरिका को भी आर्थिक नुकसान पहुंचेगा।

( हूमिन )

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