(इंटरव्यू) मील का पत्थर साबित होगा एशियाई सभ्यताओं का संवाद सम्मेलन : डॉक्टर अभिषेक प्रताप सिंह

2019-05-20 11:31:01

चीन में आयोजित एशियाई सभ्यताओं का संवाद सम्मेलन (सीडीएसी) में भाग लेने आए दिल्ली विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफ़ेसर डॉक्टर अभिषेक प्रताप सिंह ने चाइना रेडियो इंटरनेशनल (सीआरआई) के साथ ख़ास बातचीत की। उन्होंने चीन में क़ानून एवं शासन की बेहतर होती स्थिति, एशियाई सभ्यताओं का संवाद सम्मेलन, चीन-भारत संबंध पर अहम विचार प्रकट किये, साथ ही एशियाई और पश्चिमी मूल्यों का विवेचन भी किया।

डॉक्टर अभिषेक प्रताप सिंह सीआरआई पत्रकार को इन्टरव्यू देते हुए

एशियाई सभ्यताओं का संवाद सम्मेलन पर चर्चा करते हुए डॉक्टर अभिषेक प्रताप सिंह ने कहा, “भारत और चीन विश्व की प्राचीन सभ्याएं हैं। सभ्यता के दृष्टिकोण से देखें तो एशिया के सभी देश एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। एशिया की अवधारणा को मजबूत करने और एशियाई देशों के बीच सांस्कृतिक और सभ्यता सहयोग बढ़ाने के लिए यह संवाद सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है, जो यकीनन मील का पत्थर साबित होगा।”

भारत के जवाहार लाल नेहरु विश्वविद्यालय से चीनी अध्ययन में पीएचडी कर चुके डॉक्टर अभिषेक प्रताप सिंह का कहना है कि अतीत में सभी एशियाई देश एक समान प्रक्रिया से गुजरे हैं, एक ही समय में राजनीतिक उथल-पुथल से गुजरे हैं, एक ही समय के आसपास आजादी हासिल की है, और धीरे-धीरे विकास की ओर आगे बढ़ रहे हैं। साथ ही एशियाई देशों के बीच आपसी टकराव भी कम हुआ है। 21वीं सदी को एशिया की सदी बनाने का प्रयास जोरों पर है।

सीआरआई हिन्दी के स्टूडियो में डॉक्टर अभिषेक प्रताप सिंह

भारत-चीन संबंध, चीन में क़ानून एवं शासन, पूर्वी एशिया में राजनीति आदि विषयों पर गहन अध्ययन करने वाले डॉक्टर अभिषेक प्रताप सिंह ने एशियाई और पश्चिमी मूल्यों का विवेचन करते हुए कहा, “एशियाई मूल्यों में सामूहिकता का विचार है यानी की सबको साथ लेकर चलने पर फोकस है, जबकि पश्चिमी मूल्य मूलतः व्यक्ति-केंद्रित विचाराधारा से प्रेरित हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि एशियाई सभ्याताओं में हमेशा से राज्य और समाज के बीच बेहतर समन्व्य और सहयोग देखने को मिलता है, जबकि पश्चिमी देशों में बहुत-सी क्रांतियां हुई हैं, जिससे जाहिर होता है कि राज्य और समाज के बीच एक टकराव की स्थित रही है।

डॉक्टर अभिषेक प्रताप सिंह सीआरआई का दौरा करते हुए

डॉक्टर अभिषेक प्रताप सिंह भारत के कई प्रमुख अख़बारों में लेख और कॉलम भी लिखते हैं, साथ ही भारत और भारत से बाहर की यूनिवर्सिटीज में जाकर विभिन्न मुद्दों पर लेक्चर भी देते हैं। उन्होंने चीन-भारत संबंधों के बारे में चर्चा करते हुए कि आने वाले समय में आर्थिक सहयोग ही दोनों देशों के बीच दिशा तय करेगा।

डॉक्टर अभिषेक प्रताप सिंह सीआरआई का दौरा करते हुए

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