टिप्पणीः बोल्टन आदि लोगों ने अमेरिकी कूटनीति को अव्यवस्थित जंगली घोड़ा बनाया

2019-05-25 19:01:00

अमेरिकी नौ सेना के सैन्य अकादमी के प्रोफेसर टॉम निकोर्स ने हाल में अख़बार में लेख जारी कर अमेरिका के निकट कुछ समय की कूटनीति का विश्लेषण करने के बाद नतीजा प्राप्त किया कि अमेरिका की कूटनीति का नियंत्रण न करने की प्रवृत्ति नज़र आयी है। हाल में अमेरिकी राष्ट्रपति के राष्ट्रीय सुरक्षा मामले के सहायक जॉन बोल्टन की छवि अकसर दिखायी जाती है। उनके नेतृत्व में अमेरिकी कूटनीति मानों अव्यवस्थित जंगली घोड़े की तरह आगे दौड़ती रही हो।

अमेरिकी हॉकिश चरित्र होने के नाते बोल्टन ने संयुक्त राष्ट्र संघ स्थित अमेरिकी स्थायी प्रतिनिधि का पद संभालते हुए कहा था कि जरूरत पड़ने पर ही अमेरिका संयुक्त राष्ट्र संघ को भूमिका अदा करने को प्रोत्साहित करेगा। अमेरिका के लिए एकमात्र सवाल है कि हमारे देश के हितों से मेल खाना है। उन्होंने कई बार अमेरिकी मुख्य मीडिया पर कहा कि डीपीआरके और ईरान के खिलाफ़ सैन्य प्रहार करना चाहिए।

अमेरिकी राष्ट्रपति के राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के सहायक बनने के बाद बोल्टन ने चीनी मिसाइल द्वारा रूस को धमकी देने की दलील भी की, परिणामस्वरूप रूस ने इसे ठुकरा दिया। पिछले महीने ह्वाइट हाउस में बोल्टन ने पत्रकार से कहा कि वेनेजुएला में क्यूबा की सेना वेनेजुएला के राष्ट्रपति को मदद दे रही है। क्यूबा के विदेश मंत्री ने ट्विटर पर इसका खंडन किया और बोल्टन को छूठा करार दिया।

2020 अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार सानदर्स ने हाल में मीडिया से कहा कि अमेरिका ने छूठी बातों से इराक युद्ध छेड़ा, जबकि बोल्टन उस युद्ध के संस्थापकों में से एक है। अब वे अमेरिका को ईरानी युद्ध में भी लाना चाहते हैं।

वास्तव में ह्वाइट हाउस की कूटनीति के निर्णायक बोल्टन के अलावा पोम्पिओ और नवारो आदि भी हैं। वे चाहते हैं कि अमेरिका विश्व पर कब्जा कर ले।

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