अमेरिका के मध्यपूर्व में ज्यादा सैनिक भेजने से क्षेत्रीय खतरा बढ़ेगा- रूस

2019-05-28 11:02:00

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने वर्तमान में मध्यपूर्व और उत्तरी अफ्रीका क्षेत्र में तैनात सैनिकों के आधार पर और 1500 सैनिक भेजने का फैसला किया। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने 27 मई को कहा कि अमेरिका के इस कदम से खतरा और बढ़ेगा। रूस ने अमेरिका से ईरानी मुद्दे पर“तर्कसंगत आवाज़”सुनने की आशा जताई।

ईरान द्वारा प्रस्तुत खाड़ी क्षेत्र के पड़ोसी देशों के बीच एक दूसरे पर आक्रमण न करने वाली संधि की चर्चा करते हुए लावरोव ने कहा कि रूस के विचार में ईरान का यह प्रस्ताव सही है। एक दूसरे पर आक्रमण न करने की संधि पर हस्ताक्षर करना संभवतः तनावपूर्ण स्थिति को शिथिल करने का पहला कदम होगा। ईरान का यह प्रस्ताव रूस द्वारा प्रस्तुत खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा की मजबूती वाली पहल से मिलता-जुलता है। लावरोव ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा की मजबूती के लिए आधारभूत कार्रवाई से शुरु होना चाहिए, जिनमें सैन्य मामलों की पारदर्शीता को उन्नत करना, सैन्य अभ्यास में दूसरे देश की भागीदारी का निमंत्रण करना, अरब लीग, संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ की सहायता से आपसी विश्वास वाले कदमों की स्थापना करना आदि शामिल हैं।

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने 24 मई को कहा कि अमेरिका मध्यपूर्व में और 1500 सैनिक भेजेगा, जो मुख्य तौर पर प्रतिरक्षा की जिम्मेदारी उठाएंगे। इसके बाद अमेरिकी कार्यवाहक रक्षा मंत्री पैट्रिक शानहान ने सोशल मीडिया में कहा कि इस खेप के सैनिकों को अमेरिकी केंद्रीय कमान के नियंत्रित क्षेत्र में तैनात किया जाएगा, ताकि“ईरान के खतरे”की प्रतिक्रिया दी जा सके।

(श्याओ थांग)

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