इजरायली संसद ने फिर से चुनाव करने का फैसला किया

2019-05-30 15:33:00

इज़रायली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू "अंतिम काल" से पहले कैबिनेट बनाने में विफल थे, 29 मई की शाम को इज़रायली संसद ने मतदान दिया। नेतन्याहू के नेतृत्व में लिकुड समूह ने संसद को भंग करने और फिर से मतदान करने का निर्णय किया।

9 अप्रैल को इज़रायल में 21वां संसदीय चुनाव आयोजित हुआ, लिकुड समूह नई संसद में सबसे बड़ी पार्टी बनी है। अधिकार प्राप्त करके नेतन्याहू को नई सरकार बनानी चाहिए और 29 मई को कैबिनेट बनाने का अंतिम समय है। क्योंकि सत्तारूढ़ गठबंधन बनाने के लिए एविग्डोर लिबरमैन के साथ बातचीत में विफल रहे, कैबिनेट बनाने की असफलता की घोषणा की गयी। 29 तारीख की शाम को इज़रायली संसद ने दो बार मतदान के माध्यम से 21वीं इज़रायली संसद को भंग करने और इस वर्ष 17 सितंबर को फिर से मतदान करने का निर्णय लिया।

लिकुड समूह के पास संसद में केवल 36 सीटें हैं। अगर नेतन्याहू कैबिनेट बनाना चाहते हैं तो उन्हें दक्षिणपंथी दलों के साथ सत्तारूढ़ गठबंधन करना चाहिए। लिबरमैन की मांग यह है कि चरम रूढ़िवादी यहूदी सैन्य सेवा के विधेयक को पारित करें, नहीं तो सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल होने से इनकार करें। अति-रूढ़िवादी यहूदी दलों ने इस अनुरोध का विरोध किया है। दोनों पक्षों के मतभेद ने नेतन्याहू को सत्तारूढ़ गठबंधन बनाने से रोक दिया है। स्थानीय जनमत का विचार है कि लिकुड समूह संसद को भंग कर दिया, क्योंकि उन्हें आशा नहीं है कि राष्ट्रपति रियूवेन रिवलिन अन्य राजनीतिक दलों को कैबिनेट बनाने का अधिकार सौंपेंगे।

आलिया

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