भारत में अंतरिक्ष यात्रियों क चयन शुरू

2019-05-31 15:02:00

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने हाल ही में भारतीय वायु सेना के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, भारतीय वायु सेना को समानव अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए अंतरिक्ष यात्रियों के चयन का काम सौंपा गया है। भारत ने 2022 तक अपनी पहली समानव अंतरिक्ष उड़ान के कार्यान्वयन की घोषणा की है।

30 मई को भारतीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 28 तारीख को हस्ताक्षरित सहयोग ज्ञापन के आधार पर अंतरिक्ष यात्रियों के चयन और प्रशिक्षण के प्रति भारतीय वायु सेना के इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोस्पेस मेडिसिन की ज़िम्मेदारी है। चयन 12 से 14 महीने तक चलेगा और फिर प्रशिक्षण चरण में प्रवेश करेगा।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के ज़िम्मेदारी व्यक्ति ने कहा अंतरिक्ष यात्रियों के लिए बुनियादी प्रशिक्षण का अधिकांश काम भारत में ही होगा। लेकिन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन विदेशी संस्थानों के साथ सहयोग करने की तलाश में रहा है, अपनी मदद करने के लिए कुछ प्रशिक्षण कार्यों को पूरा करेगा।

भारतीय वायु सेना के इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोस्पेस मेडिसिन के ज़िम्मेदार व्यक्ति सिवन ने बताया कि पहले 30 उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा और जिसमें चुने हुए 15 व्यक्ति बुनियादी प्रशिक्षण में प्रवेश करेंगे। यदि पहला भारतीय मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन के लिए तीन अंतरिक्ष यात्रियों की आवश्यकता है, तो नौ अंतरिक्ष यात्रियों का चयन किया जाएगा और उन्हें तीन समूहों में विभाजित किया जाएगा। लॉन्च से तीन महीने पहले टीमों में से एक को कार्य करने के लिए सौंपा जाएगा।

भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल अगस्त में घोषणा की थी कि भारत 2022 तक अपनी पहली मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान को शुरु करेगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने बाद में व्यक्त किया, मानवयुक्त अंतरिक्ष अभियानों के कार्यान्वयन में दो प्रमुख चुनौतियों का सामना करेगा, यानी बड़े कैरियर रॉकेट का निर्माण और अंतरिक्ष यात्रियों का प्रशिक्षण। एजेंसी ने कहा कि संबंधित तकनीक को पूरा कर लिया है और उसका मानना है कि भारत सही समय पर अपना लक्ष्य हासिल कर सकता है।

आलिया

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