जवाबी हमले के बारे में चीन जो कहता है, वही करता है

2019-05-31 20:01:00

चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने 31 मई को घोषणा की चीन अविश्वसनीय इकाइयों की सूची व्यवस्था को लागू करेगा। ठोस कदम निकट भविष्य घोषित किये जाएंगे। गौरतलब है कि अमेरिकी ने किसी प्रमाण के बिना अनेक चीनी उद्यमों को निर्यात नियंत्रण की इकाइयों की सूची में शामिल किया। इसके जवाब में चीन को अपने कानूनी अधिकारों की सुरक्षा के लिए जवाबी प्रहार करना पड़ा।

वास्तव में बाहरी जगत को चीन की कार्रवाई के प्रति हैरान नहीं होना चाहिए। अमेरिका के साथ व्यापार संघर्ष में चीन हमेशा ऐसे सिद्धांतों पर कायम रहता है कि चीन संघर्ष नहीं करना चाहता और संघर्ष से डरता भी नहीं है, लेकिन ज़रूरत पड़ने पर जवाबी हमला करना पड़ेगा। पिछले एक साल में चीनी पक्ष ने पारस्परिक सम्मान, समानता और पारस्परिक लाभ के सिद्धांत पर कायम रहकर सबसे बड़ी सदिच्छा दिखाकर अमेरिकी पक्ष के साथ 11 दौरों की उच्च स्तरीय व्यापार वार्ता की और सकारात्मक प्रगति हासिल की। लेकिन अमेरिकी पक्ष बार बार अपनी बात से मुकर जाता है और बार बार कर में वृद्धि करता है। किसी प्रमाण के बिना अमेरिका ने राष्ट्रीय शक्ति का प्रयोग कर हुआ वेइ समेत चीनी कंपनियों की सप्लाई काट दी और चीन पर अधिकतम दबाव डालने की कोशिश की ताकि चीन के विकास को बाधित किया जाए।

चीनी पक्ष के लिए लड़ाई करना उद्देश्य नहीं है। उसका उद्देश्य नीतिगत उपकरणों के उचित प्रयोग से अमेरिका को सहयोग और समान जीत वाले वर्तमान विश्व का आम रुझान पहचानने देना है। पिछले एक साल के तथ्यों से यह साबित हुआ है कि टैरिफ वृद्धि से चीन और अमेरिका दोनों के हितों को नुकसान पहुंचा है जो पूरे विश्व के प्रतिकूल है। मनमानी से वैश्विक व्यावसायिक चेन काटना मानव की वैज्ञानिक व तकनीकी प्रगति और सभ्यता की प्रक्रिया पर भारी नुकसान पहुंचेगा ।सहयोग चीन और अमेरिका का एकमात्र रास्ता है।

चाहे अमेरिका का अगला कदम कुछ भी हो, चीन का जवाब वही होगा यानी अगर अमेरिका वार्ता करना चाहता है, तो वार्ता का द्वार खुला है। अगर अमेरिका संघर्ष करना चाहता है, चीन अंत तक संघर्ष करेगा।

(वेइतुंग)

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी