चीनी श्वेत पत्र पर लैटिन अमेरिकी मीडिया का ध्यान

2019-06-03 16:01:01

चीन सरकार ने 2 जून को चीन-अमेरिका व्यापार वार्ता पर एक श्वेत पत्र जारी किया, जिस पर लैटिन अमेरिकी मीडिया का ध्यान आकर्षित हुआ और उन्होंने वार्ता के जरिये मतभेदों का समाधान करने की अपील की।

वेनेजुएला के दक्षिणी टेलीविजन चैनल टेलेसुर ने 2 जून को रिपोर्ट देते हुए कहा कि चीन सरकार के श्वेत पत्र में अमेरिका के अपने वचनों को तोड़ने तथा इमानदारी रुख न अपनाने की बात कही गई है। श्वेत पत्र के मुताबिक चीन-अमेरिका व्यापार वार्ता की विफलता का दोष अमेरिका पर लगना चाहिये। इससे न केवल दोनों देशों के अर्थतंत्र और जन जीवन को क्षति पहुंची है, बल्कि विश्व अर्थतंत्र पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।

अर्जेंटीना की महत्वपूर्ण आर्थिक पत्रिका एल क्रोनिस्ता में प्रकाशित एक लेख में कहा गया है कि व्यापार घर्षण से चीन और अमेरिका दोनों देशों के व्यापार व निवेश में कई महीनों के लिए गिरावट नजर आयी है। विश्व व्यापार संगठन ने वर्ष 2019 के वैश्विक व्यापार वृद्धि को 3.7 प्रतिशत से घटाकर 2.6 प्रतिशत तक किया है। इससे यह साबित होता है कि एकतरफा संरक्षणवाद की वजह से सबको हानि पहुंची है और इससे विश्व की आर्थिक वृद्धि प्रभावित होगी।

चिली के एक टीवी स्टेशन ने भी रिपोर्ट दी है कि चीन ने "अविश्वसनीय इकाइयों की सूची" प्रकाशित की। जिसे अमेरिका द्वारा चीनी कंपनियों को दिये गये प्रतिबंध का जवाबी कदम माना जाता है। चीन सरकार के श्वेत पत्र के अनुसार अमेरिका द्वारा अपने वचनों को तोड़े जाने से चीन-अमेरिका व्यापार वार्ता को असफल किया गया है और चीन ने एक बार फिर वार्ता के माध्यम से विवादों को दूर करने और सहयोग करने का रुख दोहराया। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में देशों के बीच मतभेदों और समस्याओं को दूर करने के लिए यह एकमात्र सही रास्ता है।

( हूमिन )

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