अमेरिका द्वारा चीन पर लगाए गए पूराने रूख से हटने वाला आरोप बिलकुल तथ्यों से परे है- चीन

2019-06-04 19:31:01

चीन और अमेरिका के बीच आर्थिक व्यापारिक विचार विमर्श में आए हर एक उतार-चढ़ाव की वजह अमेरिका के आम सहमतियों का उल्लंघन करना, वचन को तोड़ना और गैर-ईमानदारी रूख दिखाना है। अमेरिका ने चीन पर आरोप लगाया कि चीन ने विचार विमर्श में अपने पूराने रूख से हट गया है, जो कि तथ्यों से बिल्कुल परे है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता कंग श्वांग ने 4 जून को पेइचिंग में आयोजित नियमित संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही।

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी वार्ताकार कार्यालय और वित्त मंत्रालय ने 3 जून को संयुक्त बयान जारी कर चीन के“चीन-अमेरिका आर्थिक व्यापारिक विचार विमर्श पर चीन का रूख”शीर्षक श्वेत पत्र जारी करने पर खेद व्यक्त किया और चीन के“पछतावा”रूख की ओर एक बार फिर इशारा करते हुए कहा कि अमेरिका के चीन के खिलाफ़ उठाए गए कदम का उद्देश्य चीन के अनुचित व्यापार कार्रवाई को रोकना है। इस की चर्चा करते हुए कंग श्वांग ने कहा कि अमेरिका का बयान बिल्कुल निराधार है। चीन ने 2 जून को“चीन-अमेरिका आर्थिक और व्यापार विचार-विमर्श पर चीन का रुख”शीर्षक श्वेत पत्र जारी किया, जिसमें चीन-अमेरिका आर्थिक व्यापारिक घर्षण की वजह और संबंधित विचार-विमर्श की आम स्थिति और चीन सरकार का सैद्धांतिक रूख बताया गया। आर्थिक व्यापारिक विचार विमर्श के दौरान हर एक उतार-चढ़ाव की वजह अमेरिका के आम सहमतियों का उल्लंघन करना, वचन को तोड़ना और गैर-ईमानदारी रूख दिखाना है। अमेरिका का आरोप तथ्यों से एकदम परे है।

कंग श्वांग ने बल देते हुए कहा कि वार्ता और सलाह मशविरा करना आर्थिक व्यापारिक घर्षण को दूर करने का सही रास्ता है। आपसी सम्मान, समानता व सदिच्छा और वचन के पालन वाले आधार पर एक उभय जीत वाली संधि पर संपन्न होना, न केवल चीन और अमेरिका के हितों से मेल खाता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आम प्रतिक्षा भी है। टैरिफ़ बढ़ाना अमेरिका के लिए एक बार फिर महान बनने के लिए मददगार सिद्ध नहीं होगा, बल्कि उसे नुकसान पहुंचेगा।

(श्याओ थांग)

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