चीन का सुझाव यूरेशियाई क्षेत्र के विकास का नेतृत्व करता है

2019-06-11 11:01:03

रूस के बाद चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग मध्य एशिया की यात्रा करेंगे और एससीओ और सीआईसीए के शिखर सम्मेलनों में भाग लेंगे। इन बहुपक्षीय मंच पर शी चिनफिंग ने नए विचार पेश किए।

वर्ष 2013 में शी चिनफिंग ने पहली बार शांगहाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में भाग लिया। उन्होंने एससीओ विकास बैंक, ऊर्जा क्लब और व्यापार, पूंजी का सरलीकरण संबंधी समझौता आदि सहयोग प्रस्ताव पेश किए।

वर्ष 2014 में शी चिनफिंग ने मानव समुदाय के साझे भविष्य और समान हितों वाले समुदाय का निर्माण करने का सुझाव पेश किया।

वर्ष 2015 में शी चिनफिंग ने कहा कि शांगहाई भावना आपसी विश्वास, आपसी लाभ, समानता, सलाह, सभ्यताओं की विविधता का सम्मान और साझा विकास करने की है, जो एससीओ के विकास का महत्वपूर्ण सिद्धांत है। शांगहाई भावना अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के विकास की दिशा का प्रतिनिधित्व करती है। इसे क्षेत्रीय समुदाय के साझे भविष्य के निर्माण का पुल बनाना चाहिए।

वर्ष 2016 में शी चिनफिंग ने एससीओ के शिखर सम्मेलन में कहा था कि एससीओ का सहयोग युग के अनुरूप होना चाहिए।

वर्ष 2017 में भारत और पाकिस्तान एससीओ के सदस्य देश बन गए। शी चिनफिंग ने कहा कि एससीओ के विकास में खुलेपन और सहिष्णुता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

वर्ष 2018 में एससीओ का शिखर सम्मेलन चीन के छिंगताओ शहर में आयोजित हुआ। शी चिनफिंग के आह्वान में मानव समुदाय की विचारधारा छिंगताओ घोषणा पत्र में शामिल हुई, जो एससीओ के 8 सदस्य देशों की महत्वपूर्ण राजनीतिक सहमति बन गई है।

सीआईसीए के बारे में शी चिनफिंग ने वर्ष 2014 में कहा कि एशिया के विभिन्न देशों को समान, चतुर्मुखी, सहयोग और अनवरत विकास की सुरक्षा विचारधारा स्थापित करना चाहिए। वर्ष 2016 में शी चिनफिंग ने एशिया के विशेषता वाले सुरक्षा प्रशासन का निर्माण करने का सुझाव पेश किया।

(ललिता)

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