टिप्पणीः चीन अभी भी विदेशी व्यापारियों के निवेश की गर्म भूमि रही

2019-06-13 20:31:00

चीनी वाणिज्य मंत्रालय द्वारा 13 जून को जारी आंकड़ों के मुताबिक इस साल के पहले पाँच महीनों में चीन ने विदेशी पूंजी का वास्तविक प्रयोग 3.6906 खरब चीनी युआन था, जो पिछले साल की तुलना में 6.8 प्रतिशत अधिक रहा। विश्व में प्रत्यक्ष पूंजी में धीमी आने की पृष्ठभूमि में इस वृद्धि दर ने जाहिर किया कि चीन अब भी विदेशी व्यापारियों के निवेश के लिए आकर्षक भूमि है।

अमेरिका द्वारा दबाव डालकर बार बार चीनी अर्थतंत्र को मंदी में डालने की कोशिश की। उदाहरण के लिए अमेरिका सरकार ने चीन को 150 से 200 खरब अमेरिकी डॉलर का नुकसान पहुंचाया। लेकिन अमेरिकी मीडिया ने खंडन किया कि चीन का कुल आर्थिक पैमाना करीब 130 खरब अमेरिकी डॉलर है। नुकसान इस मात्रा को पार नहीं कर पाएगा। वास्तव में चीन के अर्थतंत्र पर चीन-अमेरिका व्यापार विवाद का प्रभाव नियंत्रण में है। जबकि अमेरिका को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। मई माह में अमेरिका में सिर्फ़ 75 हज़ार के नये रोजगार के मौकों की तैयारी की थी, जो अनुमान के आधे से भी कम थी। आईएमएफ द्वारा मई के अंत में जारी एक अनुसंधान रिपोर्ट में कहा गया कि चीन से आयातित उत्पादों पर टैरिफ़ बढ़ाने से पैदा हुआ लगभग सारा खर्च अमेरिका को उठाना पड़ता है।

संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास संगठन द्वारा जारी आंकड़े बताते हैं कि 2018 में प्रत्यक्ष विदेशी पूंजी(एफडीआई) में 13 प्रतिशत की कटौती आयी, जबकि चीनी बाजार द्वारा विदेशी पूंजी को आकर्षित करने की मात्रा में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गयी। यह इस बात का द्योतक है कि चीनी अर्थतंत्र की उच्च गुणवत्ता वाले विकास ने विदेशी पूंजी को आकर्षित किया है। और ये विदेशी पूंजी मुख्यतः चीन के उच्च व नवीन तकनीक वाले उद्योगों में लगायी जाती है।

और तो और 1.4 अरब आबादी होने वाले चीन का उपभोग बाजार चीनी अर्थतंत्र को आगे बढ़ाने की अहम प्रेरणा शक्ति बन चुका है। हालांकि अमेरिका ने कहा कि टैरिफ़ बढ़ने से कई विदेशी कारोबार चीन से भाग रहे हैं। फिर भी लोगों ने देखा कि अमेरिका के टेस्ला कंपनी ने चीन के शांगहाई में अपना सुपर कारखाना खोला। ब्रिटिश टेलिकॉम चीनी उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा लाइसंस हासिल करने वाला पहला अंतर्राष्ट्रीय टेलिकॉम बना। अमेरिकी क्वालकॉम और ब्रिटिश जगुआर लैंड रोवर जैसी कंपनियों के जिम्मेदारों ने कहा कि वे चीन की उच्च गुणवत्ता वाले विकास में भाग लेंगे।

हालांकि अमेरिका द्वारा छेड़ा गये व्यापार विवाद ने विश्व अर्थतंत्र में अनिश्चितता पैदा की है, फिर भी चीन और खुलेपन की नीति से विदेशी पूंजी का अच्छी तरह प्रयोग करेगा और विदेशी कारोबारों के कानूनी हितों की रक्षा करेगा। चीन अपने कदमों से यह साबित करेगा कि चीन विश्व का विश्वसनीय सहयोग साझेदार है।

(श्याओयांग)

 

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