टिप्पणीः विश्वास की कमी को दूर कर एशिया व विश्व के सुन्दर भविष्य की रचना करें

2019-06-15 23:01:00

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 15 जून को तजाकिस्तान की राजधानी दुशांबे में सीआईसीए के संबंध में पांचवें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस मौके पर उन्होंने विभिन्न पक्षों से उभय प्रयास कर एशिया की सुरक्षा व विकास की नयी परिस्थिति की रचना करने, आपसी सम्मान व विश्वास, सुरक्षा व स्थिरता, विकास व समृद्धि, खुलेपन व समावेशी और सहयोग व नवाचार के एशिया का निर्माण करने की अपील की।

लोगों ने ध्यान दिया कि हाल में विश्व में भारी परिवर्तन में हो रहा है। इस साल चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कई अंतर्राष्ट्रीय जगहों में वैश्विक समूचे हितों और विभिन्न देशों की जनता के कल्याण से प्रस्थान होकर लोगों का व्यापक ख्याल करने वाले सवालों का जवाब दिया और विश्व को एक बड़े देश का कर्तव्य दिखाया।

एशिया में विश्व की एक तिहाई भूमि और दो तिहाई आबादी है। 1000 से अधिक जातियां रहती हैं। एशिया की जीडीपी विश्व की कुल जीडीपी का एक तिहाई है। विश्व में सब से जीवित शक्ति और निहित शक्ति होने वाले क्षेत्रों में से एक एशिया राजनीतिक आपसी विश्वास का अभाव, आर्थिक विकास का असंतुलन, सुरक्षा व प्रशासन समस्या आदि समान चुनौतियों का सामना कर रहा है। 27 साल पहले स्थापित सीआईसीए के संबंध में शिखर सम्मेलन का मकसद विभिन्न देशों के आपसी विश्वास व साझेदारी को प्रगाढ़ करना और क्षेत्रीय सुरक्षा व स्थिरता की रक्षा करना है।

विश्वास की कमी का सामना करने के लिए चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा कि आपसी सम्मान और विश्वास करना देशों व देशों के बीच सहअस्तित्व का अच्छा उपाय होना चाहिए। विभिन्न पक्षों को विभिन्न देशों की राजनीतिक प्रणालियों और विकास रास्ते का सम्मान करना चाहिए, खास तौर पर जीरो-सम गेम और संरक्षणवाद को त्यागना चाहिए। केवल इस से राजनीतिक आपसी विश्वास को प्रगाढ़ किया जाएगा और सामरिक सहमति का विस्तार किया जाना चाहिए।

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