गरीबी उन्मूलन चीनी मावाधिकार कार्य के विकास का सबसे उल्लेखनीय प्रतीक है- चीनी विशेषज्ञ

2019-06-26 16:01:02

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 41वें सम्मेलन के दौरान चीनी मानवाधिकार शोध संघ द्वारा आयोजित“चीन लोक गणराज्य की स्थापना के बाद 70 सालों में चीनी मानवाधिकार कार्य में प्रगति”शीर्षक बैठक 25 जून को जिनेवा के पैलेस ऑफ़ नेशन्स में आयोजित हुई। चीनी मानवाधिकार के विशेषज्ञों ने कहा कि पिछले 70 सालों में चीनी मानवाधिकार कार्य में बड़ी प्रगति हासिल हुई, जिसमें सबसे उल्लेखनीय कामयाबी गरीबी उन्मूलन है।

बैठक में चीनी मानवाधिकार विशेषज्ञों के मुताबिक 70 सालों में चीन में 70 करोड़ से अधिक गरीब जनसंख्या को गरीबी से मुक्ति मिली, जो समान अवधि में वैश्विक गरीब जनसंख्या के गरीबी उन्मूलन की कुल जनसंख्या का 70 प्रतिशत से अधिक है। ऐसा कहा जा सकता है कि चीन ने मानव जाति के गरीबी उन्मूलन इतिहास में एक करिश्मा रचा। इस तरह गरीबी उन्मूलन की कामयाबी चीनी मानवाधिकार कार्य के विकास का सबसे उल्लेखनीय प्रतीक बन गया।

बैठक में चीनी मानवाधिकार विशेषज्ञ शांग हाईमिंग ने शिक्षा से गरीबी उन्मूलन की दृष्टि से पिछले 70 सालों में चीन में गरीबी उन्मूलन के अनुभव का उपभोग किया। उन्होंने कहा कि चीन ने गरीबी उन्मूलन के लिए कई कदम उठाए, जिनमें शिक्षा से गरीबी उन्मूलन एक उपयोगी तरीका है। वर्तमान में चीन में निरक्षरता दर 70 साल पहले की 80 प्रतिशत से 4.08 प्रतिशत तक कम हुई, प्राइमरी स्कूली बच्चों के स्कूल में दाखिला दर 99.91 फीसदी पहुंच गई है।

बैठक में चीनी मानवाधिकार शोध संघ के निदेशक रोबू ने चीन के तिब्बत में गरीबी उन्मूलन के विकास की स्थिति का परिचय दिया।

रोबू ने कहा कि अभी तक चीन के विभिन्न प्रांतों ने तिब्बत को सहायता देने के लिये कुल 18 हज़ार से अधिक अधिकारियों और पेशेवर तकनीशियनों को भेजा है। तिब्बत में दस हज़ार से अधिक सहायता कार्यक्रम लागू किये गये हैं और तिब्बत में लगायी गयी पूंजी-निवेश की कुल रकम 40 अरब य्वान तक पहुंच गयी है। इन सभी ने तिब्बत में गरीबी उन्मूलन के विकास का बड़ा समर्थन किया है।

उनके अनुसार वर्ष 2019 के जून तक तिब्बत में गरीबी जनसंख्या 5.9 लाख से कम होकर 1.5 लाख तक कम हुई है। गरीब काउंटियों और क्षेत्रों की संख्या 74 से 19 तक पहुंच गयी। गरीबी दर भी 25.2 प्रतिशत से गिरकर 5.6 प्रतिशत तक पहुंच गयी। इस वर्ष तिब्बत में गरीबी को पूरी तरह दूर किया जाएगा, बाकी 1.5 लाख गरीब जनसंख्या को गरीबी से मुक्ति मिलेगी।

गौरतलब है कि स्विट्जरलैंड, सिंगापुर, वेनेजुएला और म्यांमार आदि देशों के राजनयिकों और कुछ अंतरराष्ट्रीय संगठनों के अधिकारियों समेत 40 से अधिक लोग बैठक में उपस्थित हुए।

(श्याओ थांग)

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी