रूसी विद्वानः चीन और रूस किसी भी तरीके के संरक्षणवादी का समान रूप से विरोध करते हैं

2019-06-28 11:32:00

14वां जी-20 शिखर सम्मेलन 28 से 29 जून तक जापान के ओसाका में आयोजित होगा। रूसी विद्वान ने कहा कि वर्तमान जी-20 शिखर सम्मेलन में चीन और अमेरिका के नेताओं के बीच भेंटवार्ता सबसे बड़ा फ़ोकस बनेगी। इसके अलावा वैश्विक अर्थतंत्र और प्रशासन में चीन और रूस समेत कई देशों की भूमिका भी ध्यान देने के लायक है।

रूसी सामरिक अनुसंधान संस्था के आर्थिक अनुसंधान केंद्र के वरिष्ठ अनुसंधानकर्ता विचेस्लाव होलोदकोव ने हाल में कहा कि जून की शुरूआत में आयोजित जी-20 वित्तीय मंत्रियों के सम्मेलन में विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने वैश्विक आर्थिक विकास दर के धीमी होने पर चेतावनी दी थी और व्यापारी विवाद इसका सबसे बड़ा कारण बताया। इसकी चर्चा में उन्होंने कहा कि भविष्य के विश्व आर्थिक विकास के प्रति चिंता जी-20 शिखर सम्मेलन तक फैलती रही है। इसलिए चीन और अमेरिका के नेताओं की भेंटवार्ता एक फ़ोकस बनेगी। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थतंत्र के स्वस्थ विकास और राष्ट्रीय संबंध के दृष्टिकोण से रूस और चीन का रुख बराबर है। रूस को व्यापारिक विवाद में चीन की मदद करनी चाहिए। वास्तव में कुछ समय पहले रूस के सबसे बड़े टेलीकॉम ऑपरेटर ने चीन की हुआवेइ कंपनी के साथ 5-जी अनुबंध पर हस्ताक्षर किया है।

रूसी अंतर्राष्ट्रीय मामलों की संघ के विद्वान ओलेग तिमोफीव ने कहा कि वैश्विक आर्थिक विकास की गंभीर चुनौती की स्थिति में चीन और रूस द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मंच पर संपर्क और सहयोग को मज़बूत बनाने से जी-20 आदि बहुपक्षीय प्रणाली के समूचे विकास में सक्रिय भूमिका निभाई जाएगी। उन्होंने कहा कि चीन और रूस किसी भी तरीके के संरक्षणवाद का विरोध करते हैं। रूस द्वारा बेल्ट एंड रोड पहल का समर्थन करना चीन की बहुपक्षीयवादी पहल का समर्थन ही है।

(श्याओयांग)

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