ब्रिक्स देशों की अनौपचारिक बैठक में उपस्थित हुए शी चिनफिंग

2019-06-28 17:01:02

ब्रिक्स देशों के नेताओं की अनौपचारिक बैठक 28 जून को ओसाका में हुई। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग, ब्राजील के राष्ट्रपति जैर बोल्सोनारो, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिणी अफ्रीका के राष्ट्रपति मतामेला सिरिल रामाफ़ोसा ने बैठक में भाग लिया। पाँच देशों के नेताओं ने ब्रिक्स देशों के संबंधों, विश्व के शासन और वैज्ञानिक नवाचार आदि विषयों पर गहन रूप से विचारों का आदान-प्रदान किया।

शी चिनफिंग ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्थितियां जटिल और गंभीर हैं। आर्थिक वृद्धि बने रहने के बावजूद अनिश्चितता बढ़ रही है। ब्रिक्स देशों को अच्छे से अपना काम करना चाहिए। हमें एकता और सहयोग को मजबूत करना चाहिए।

पहला, हमें ब्रिक्स देशों के बीच रणनीतिक साझेदार संबंधों को मजबूत करना चाहिए। ब्रिक्स के दूसरे दशक में पाँचों देशों के नेताओं को सहयोग करने की सही दिशा तय करनी चाहिए और दूसरे अंतर्राष्ट्रीय संरचनाओं में ब्रिक्स प्लस सहयोग को बढ़ावा देना चाहिए।

दूसरा, विश्व शासन में सुधार लाना चाहिए। ब्रिक्स देशों को बहुपक्षवाद का समर्थन करना चाहिए। एकतरफावाद, "लंबी बांह का अधिकार क्षेत्र" तथा संरक्षणवाद का विरोध करना चाहिए।

तीसरा, हमें ब्रिक्स देशों के भीतर राजनीतिक व आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करना तथा मानवीय आदान प्रदान को बढ़ावा देना चाहिए।

बैठक में उपस्थित अन्य देशों के नेताओं ने कहा कि विश्व में अनिश्चितता, एकतरफावाद और संरक्षणवाद उभरने लगे हैं। ब्रिक्स देशों को आपस में अधिक तालमेल करना चाहिए और बहुपक्षवाद, नियम से आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यापार व्यवस्था की रक्षा करनी चाहिए। ब्रिक्स देशों को एकता और सहयोग का रणनीतिक मूल्य दिखाना चाहिए, और विकासमान देशों के अधिकार, तथा नव उभरती शक्तियों और विकासमान देशों के स्थानों को बढ़ावा देना चाहिए। बैठक की समाप्ति के बाद एक संयुक्त विज्ञप्ति जारी की गयी।

( हूमिन )

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