टिप्पणी:समानता और एक दूसरे के समादार के सिद्धांत पर चीन-अमेरिका व्यापार वार्ता को बढ़ावा देना चाहिये

2019-06-29 20:01:00

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 29 जून को जी20 ओसाका शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ वार्तालाप की। दोनों इस बात पर सहमत हुए कि चीन और अमेरिका समानता और आपसी सम्मान के आधार पर व्यापार वार्ता की बहाली करेंगे।

चीन अमेरिका व्यापार वार्ता की बहाली से सकारात्मक संकेत भेजा गया है और इससे वैश्विक बाजार के तनाव को शिथिल बनाया गया है। बीते एक साल में चीन ने सबसे अधिक धैर्य और ईमानदारी से अमेरिका के साथ व्यापारिक वार्ता को बढाने का प्रयास किया। लेकिन अमेरिका के लगातार दबाव डालने से व्यापार वार्ता को रोका गया है। विश्व बैंक की वैश्विक आर्थिक आउटलुक रिपोर्ट के मुताबिक इस और अगले वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 2.6 से 2.7 प्रतिशत तक गिरेगी। तथ्यों से यह साबित है कि अधिक चुंगी लगाने से समस्या का समाधान करना असंभव है। केवल समानतापूर्ण वार्ता करने से चीन-अमेरिका व्यापार घर्षण को हल किया जाएगा। चीन-अमेरिका व्यापार वार्ता की बहाली से सवाल के समाधान की सही कक्षाओं में वापस पहुंचेगा। यह कहा जाता है कि चीन और अमेरिका के बीच जटिल समस्याओं के समाधान के लिए फिर भी कठोर प्रयास किया जाना पड़ेगा।

चीन अमेरिका के साथ विचार विमर्श जारी रखने के लिए ईमानदारी दिखाएगा। पर वार्ता समानता और आपसी सम्मानता के आधार पर की जानी चाहिये। इस का मतलब है कि वार्ता करने में दोनों पक्षों का समान स्थान होना चाहिये और वार्ता का परीणाम भी आपसी लाभ वाला होगा। साथ ही दोनों पक्षों को एक दूसरे के केंद्रीय हितों और महत्वपूर्ण चिन्ताओं का समादर करना चाहिये। इधर एक महीने के कार्यक्रम से यह स्पष्ट है कि प्रभुसत्ता और सम्मानता के सवाल पर चीन अविचल तौर पर अपने केंद्रीय हितों की रक्षा करने में संकल्पबद्ध है।

चीन-अमेरिका शिखर वार्ता में अमेरिका ने यह वचन दिया है कि वह चीनी वस्तुओं पर नयी चुंगी नहीं लगाएगा। इसके बाद अमेरिका को वास्तविक कदम उठाने की जरूरत है। चीन और अमेरिका के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 40 सालों के इतिहास से यह साबित है कि चीन और अमेरिका के बीच सहयोग करने से दोनों को लाभ मिलेगा। नहीं तो दोनों को नुकसान पहुंचेगा। आशा है कि दोनों देशों के वार्ताकार वार्ता की बहाली पर दोनों राष्ट्रपतियों की सहमतियों के मुताबिक वास्तविक कदम उठाएंगे, और समानता और आपसी सम्मानता के आधार पर वार्ता करेंगे। ताकि पारस्परिक विश्वास के आधार पर वार्ता को आगे बढ़ा सके।

जी20 के ओसाका शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति शी ने चीन के अधिक खुलेपन के लिए पाँच कदम घोषित किये जिनमें अधिक तौर पर बाजार खोलना, अधिक आयात करना, निवेश वातावरण में सुधार लाना, विदेशी निवेशको को समानता लागू करना और व्यापारिक वार्ता को आगे बढ़ाना आदि शामिल हैं। चीन-अमेरिका वार्ता की बहाली का कैसा भी परीणाम पैदा होगा, चीन अविचल तौर पर अपने रास्ते पर काम करेगा। और चीन निरंतर रुपांतर के जरिये सभी चुनौतियों का सामना करेगा।

( हूमिन )

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