टिप्पणीः ओसाका जी-20 शिखर सम्मेलन में बहुपक्षीयवादी की आवाज़ दी गयी

2019-06-30 16:31:00

ओसाका जी-20 शिखर सम्मेलन 29 जून को संपन्न हुआ। शिखर सम्मेलन में घोषणा पत्र जारी कर कहा कि जी-20 स्वतंत्र, न्यायपूर्ण, भेदभाव रहित और स्थिर व्यापार और निवेश के वातावरण के निर्माण में जुटा रहेगा, विश्व व्यापार संगठन द्वारा आवश्यक सुधार करने का समर्थन करेगा। जी-20 सदस्यों में पेरिस समझौते के हस्ताक्षर पक्षों ने इस समझौते का कड़ाई से पालन करने की बात दोहराई। इस दौरान जी-20 के सदस्य देशों के नेताओं ने द्विपक्षीय औऱ बहुपक्षीय राजनयिक गतिविधियों का आयोजन किया, जिससे ओसाका शिखर सम्मेलन बहुपक्षीयवादी को आगे बढ़ाने और समस्या का हल करने का अहम प्लेटफॉर्म बनाया गया और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के विश्वास को प्रेरित किया गया।

इस साल विश्व संरक्षणवाद और एकतरफ़ावाद का समना कर रहा है जिससे विश्व वित्तीय स्थिरता को नुकसान हो रहा है। अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों का पूरा विश्वास भी नहीं दिखाया जाता है। इस कठिन वक्त में ओसाका शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले नेताओं ने विश्व अर्थतंत्र, व्यापार व निवेश, नवाचार, पर्यावरण और ऊर्जा, रोज़गार, विकास और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर विचार विमर्श किया और सुझाव भी दिया।

इस दौरान चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने शिखर सम्मेलन में भाषण दिया और सिलसिलेवार द्विपक्षीय और बहुपक्षीय राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लिया, जिसने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचा है।

ओसाका शिखर सम्मेलन के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने आपसी सम्मान, न्याय, सहयोग और साझी जीत वाले नये ढंग के अंतर्राष्ट्रीय संबंधों की रचना करने, नवोदित बाज़ार और विकासमान देशों के लाभ में खुलेपन के विश्व अर्थतंत्र का निर्माण करने, क्षेत्रीय गर्म समस्याओं का राजनीतिक समाधान करने, मानव साझे भाग्य वाले समुदाय की रचना जैसे मुद्दों पर विभिन्न देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के नेताओं के साथ गहन रूप से विचार विमर्श किया। उनके द्वारा पेश की गयी विचारधारणा, सुझाव और कदम ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को विश्वास दिया है और वैश्विक प्रशासन के सुधार के लिए रास्ता दिया है।

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