ब्रिटेन से हांगकांग के मामले पर हस्ताक्षर न करने का आग्रह- चीन

2019-07-01 19:31:00

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता कंग श्वांग ने 1 जुलाई को पेइचिंग में आयोजित नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चीन ब्रिटेन से सही स्थान पर खड़े रहकर किसी भी तरीके से हांगकांग के मामले में हस्तक्षेप नहीं करने का आग्रह करता है। साथ ही उम्मीद करता कि ब्रिटेन हांगकांग की समृद्धि और स्थिरता के अनुकूल काम करेगा, न कि इसके विपरीत।

रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटिश विदेश मंत्री जेरेमी हंट ने ब्यान जारी कर कहा कि ब्रिटेन हांगकांग की स्थिति के विकास पर लगातार ध्यान देगा। हाल में हांगकांग में विरोध प्रदर्शन हुआ, चीन में हांगकांग की वापसी की जयंती पर ब्रिटेन सरकार द्वारा“चीन-ब्रिटेन संयुक्त बयान”में दिए गए वचन को दोहराना ज्यादा महत्वपूर्ण है। यह एक कानूनी संधि है, जो आज तक प्रभावी है और 30 साल पहले इस पर हस्ताक्षर किए जाने और पुष्टि किये जाने के बराबर होना चाहिए।

उपरोक्त मुद्दे से संबंधित सवाल के जवाब में कंग श्वांग ने कहा कि“चीन-ब्रिटेन संयुक्त बयान” ने इतिहास द्वारा छोड़े गए हांगकांग मामले का निपटारा किया। मातृभूमि में हांगकांग की वापसी और संक्रमणकालीन कार्य की समाप्ति पर इस ब्यान में निर्धारित ब्रिटेन से संबंधित अधिकार और दायित्व पूरी तरह निभाया गया है। 1 जुलाई 1997 को चीन ने हांगकांग पर प्रभूसत्ता वाला अधिकार बहाल किया। चीन सरकार संविधान और बुनियादी कानून के मुताबिक हांगकांग पर प्रबंधन और शासन करती है। ब्रिटेन के पास हांगकांग के प्रति तथाकथित कोई भी जिम्मेदारी नहीं है। हांगकांग का मामला चीन का अंदरूनी मामला है। किसी भी विदेश के पास इसमें हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।

कंग श्वांग ने कहा कि हाल में ब्रिटेन ने हांगकांग मामले में हस्तक्षेप किया। चीन इस पर बड़ा असंतोष जताता है और दृढ़ विरोध करता है।

(श्याओ थांग)

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