"चीन हर साल 6 खरब डॉलर अमेरिकी बौद्धिक संपदा की चोरी करता है?" बिल्कुल झूठ

2019-07-09 11:33:00

इधर के वर्षों में अमेरिका में इस कथन को फैलाया जा रहा है कि अमेरिकी बौद्धिक संपदा की चोरी की जा रही है और चीन "हर साल 6 खरब डॉलर अमेरिकी बौद्धिक संपदा की चोरी करता है", लेकिन वास्तव में यह किसी अमेरिकी व्यक्तियों और संस्थाओं द्वारा उड़ायी गई अफवाह है। चीनी अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक विनिमय केंद्र ने हाल ही में अपनी अनुसंधान रिपोर्ट जारी कर इस अफवाह का खंडन किया।

रिपोर्ट ने इसका पर्दाफाश किया कि अमेरिका में एक अनुसंधानशाला यानी नेशनल ब्यूरो ऑफ एशियन रिसर्च ने वर्ष 2017 के फरवरी में अपनी अनुसंधान रिपोर्ट जारी कर यह निष्कर्ष निकाला कि अमेरिका में हर साल बौद्धिक संपदा की चोरी की लागत 2.25 खरब अमेरिकी डॉलर तक रही है, और यह राशि 6 खरब डॉलर तक जा पहुंचने की संभावना है। इसमें नकलसाज और पायरेटेड मूर्त सामान, पायरेटेड सॉफ्टवेयर और व्यापार रहस्य तीन भाग शामिल हैं। लेकिन अमेरिका की इस रिपोर्ट में जो निष्कर्ष निकाला गया है, उनमें अधिकांश भाग निराधार और गैर-तार्किक है। इस रिपोर्ट के हवाले में इस्तेमाल हुए जो आंकड़े हैं, वे भी बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किये गये हैं।

वर्ष 2018 में चीन-अमेरिका व्यापार घर्षण उभरने के बाद अमेरिका में कुछ संस्थाओं और मीडिया ने जानबूझकर गलत आंकड़ों का हवाले देते हुए यह निष्कर्ष निकाला कि चीन हर साल अमेरिका से 6 खरब डॉलर बौद्धिक संपदा की चोरी कर रहा है और अमेरिका में विभिन्न संस्थाओं और जगतों ने इन तथाकथित सबूतों को उद्धृत करना शुरू कर दिया है। वास्तव में अमेरिका में बौद्धिक संपदा की चोरी की लागत के बारे में जो निष्कर्ष निकाले गये हैं, वह सच नहीं है। इस नुकसान के लिए चीन को कसूरवार ठहराना बिल्कुल ठीक नहीं है। और तो और, बौद्धिक संपदा की चोरी करने की कार्यवाइयां अमेरिकी इकाइयों द्वारा ही की जा रही हैं। इसलिए अमेरिका में बौद्धिक संपदा चोरी से नुकसान होने का दोष चीन पर लगाना बिल्कुल गलत है।

( हूमिन )

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी