भारतीय विदेशमंत्री एस. जयशंकर से मिले वांग यी

2019-08-02 11:31:04

चीनी स्टेट काउंसलर और विदेशमंत्री वांग यी ने 1 अगस्त को थाईलैंड की राजधानी बैंकोक में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की।

वांग यी ने कहा कि भारत की नई सरकार की स्थापना के बाद चीनी नेता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच घनिष्ठ आवाजाही कायम रही, जिससे चीन-भारत संबंध पर चीन का उच्च महत्व जाहिर हुआ। दो बड़े पड़ोसी देश और दो बड़े आर्थिक समुदाय होने के नाते चीन-भारत संबंध के सामने नए विकसित मौका मौजूद है। चीन भारत के साथ मिलकर अगले चरण में उच्च स्तरीय आवाजाही की अच्छी तैयारी करना चाहता है, मानविकी आदान-प्रदान व्यवस्था, सीमा मुद्दा विशेष प्रतिनिधियों की वार्ता और रणनीतिक आर्थिक वार्तालाप जैसी गतिविधियों का अच्छी तरह करना चाहता है। चीन दोनों देशों के बीच मौजूद व्यापारिक असंतुलन पर महत्व देता है और भारत के साथ मिलकर सहयोग विस्तार करने को तैयार है। चीन भारत से अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पादों के आयात का विस्तार करना चाहता है, सहयोग के नए रास्ते की खोज करना चाहता है, निवेश, उत्पादन ऊर्जा, पर्यटन, संचार और आपसी संपर्क आदि क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करना चाहता है। आशा है कि भारत अपने देश में चीनी कंपनियों के लिए निष्पक्ष और न्यायपूर्ण वाणिज्यिक वातावरण मुहैया करवाएगा। चीन भारत के साथ अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मामलों में संपर्क और समन्वय को घनिष्ठ करना चाहता है, क्षेत्रीय सहयोग और विकास को आगे बढ़ाना चाहता है, समावेश और खुलापन दिखाते हुए एशिया की समृद्धि और स्थिरता का संवर्धन करना चाहता है।

मुलाकात में एस. जयशंकर ने कहा कि वर्तमान में भारत-चीन संबंध महत्वपूर्ण काल से गुज़र रहा है। प्रधानमंत्री मोदी को आशा है कि अपने नए कार्यकाल में भारत-चीन संबंध को आगे बढ़ाया जाएगा। भारत द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग पर आशावान है और चीन के साथ समान हितों का विस्तार करना और वास्तविक सहयोग को गहराना चाहता है। 5जी मुद्दे पर भारत अपने राष्ट्रीय हित के आधार पर स्वतंत्र रूप से निर्णय लेगा। बांग्लादेश-चीन-भारत-म्यांमार आर्थिक गलियारे के निर्माण में भारत का रूख सक्रिय है और इसमें सकारात्मक तौर पर भाग लेना चाहता है, ताकि आपसी हित और उभय जीत साकार हो सके।

(श्याओ थांग)

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