टिप्पणीः आईएमएफ़ की रिपोर्ट से जाहिर है कि अमेरिका की निंदा बिलकुल निराधार

2019-08-11 15:01:00

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) ने 9 अगस्त को चीन के साथ “चौथी धारा पर विचार विमर्श” की रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट ने चीन के अहम आर्थिक क्षेत्र के सुधार में प्राप्त प्रगति की प्रशंसा की और दोहराया कि साल 2018 में चीनी मुद्रा आरएमबी की विनिमय दर आर्थिक बुनियादी स्थिति के अनुकूल है। इस से स्पष्ट रूप से जाहिर है कि चीन द्वारा विनिमय दर पर नियंत्रण करने की अमेरिका की निंदा बिलकुल निराधार है।

“अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष संधि” में चौथी धारा के मुताबिक, आईएमएफ़ हर वर्ष आर्थिक समुदाय की जांच और अनुसंधान करने एर विशेषज्ञ दल भेजता है। जांच और अनुसंधान के नतीजे को लेकर सदस्य आर्थिक समुदायों के साथ विचार विमर्श किया जाता है, फिर आईएमएफ़ की निर्णायक संस्था में विचार विमर्श किया जाता है। नवीनतम “चौथी धारा पर विचार विमर्श” की रिपोर्ट में आईएमएफ़ ने वित्तीय विभागों की कमजोरी को कम करने, अर्थतंत्र के लगातार खुलेपन के क्षेत्र में चीन सरकार द्वारा प्राप्त प्रगति की प्रशंसा की और पिछले कुछ वर्षों में आर्थिक बाहरी पुनः संतुलन के क्षेत्र में चीन द्वारा की गई कोशिशों का स्वागत किया।

रिपोर्ट में कहा गया कि साल 2018 में चीन के घरेलू उत्पादन मूल्य यानी जीडीपी में चालू खाता अधिशेष का अनुपात 0.4 प्रतिशत तक कम हुआ। अनुमान है कि साल 2019 में यह अनुपात 0.5 प्रतिशत तक बना रहेगा। आईएमएफ़ के विचार में साल 2018 में चीनी मुद्रा आरएमबी की विनिमय दर और मध्यम अवधि की बुनियादी स्थिति के अनुकूल है, इस तरह आरएमबी का अधिक अंदाजा या कम अंदाजा नहीं लगाया गया। आईएमएफ़ की इस निंदा ने अमेरिका की निराधार निंदा को ठुकरा दिया। उस दिन आईएमएफ़ के संबंधित जिम्मेदार अधिकारी ने मीडिया से कहा कि चीन ने विनिमय दर के लचीलेपन को मजबूत करने में प्रगति प्राप्त की है और आईएमएफ़ चीन की इस कोशिश का समर्थन करता है। यह आईएमएफ़ द्वारा अनेक सालों में विनिमय दर के बाजारीकरण के सुधार को आगे बढ़ाने में चीन की प्रगति की सराहना की गयी है।

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