टिप्पणीः खुद के हितों की रक्षा करने के लिए चीन जरूरी जवाबी कदम उठाएगा

2019-08-15 20:01:00

अमेरिकी व्यापारी प्रतिनिधि दफ्तर द्वारा चीन से आयातित करीब 3 खरब अमेरिकी डॉलर मूल्य वाले उत्पादों पर 10 प्रतिशत टैरिफ़ बढ़ाने का एलान किया गया है। इस की चर्चा में चीन ने 15 अगस्त को कहा कि चीन इस बारे में जरूरी कदम उठाएगा।

अमेरिका की इस कार्यवाई ने दोनों देशों के राजाध्यक्षों द्वारा अर्जेन्टीना भेंटवार्ता और तोक्यो भेंटवार्ता में प्राप्त सहमतियों का उल्लंघन किया है। सहमतियों के मुताबिक चीन और अमेरिका को सलाह मश्विरे के जरिए समस्या का हल करना चाहिए। लेकिन अमेरिका फिर एक बार टैरिफ की लाठी उठाकर समस्या का हल करने के सही रास्ते से दूर गया। हालांकि अमेरिका ने हाल में चीन से आयातित कुछ उत्पादों पर टैरिफ को अस्थायी रूप से न बढ़ाने की बात कही, लेकिन जब तक टैरिफ़ रद्द नहीं किया जाता तब तक चीन के हितों को नुकसान पहुंचता रहेगा। चीन द्वारा तदनुरूप कदम उठाना बिलकुल सही है।

व्यापारिक युद्ध में कोई विजेता नहीं है। आर्थिक व व्यापारिक विवाद को तीव्र बनाना चीन और अमेरिका दोनों देशों के लिए लाभदायक नहीं है। चीन सहयोग के तरीके से समस्या का हल करना चाहता है, लेकिन सहयोग का सिद्धांत है और वार्ता की डेडलाइन भी है। अहम सैद्धांतिक सवालों पर चीन बिल्कुल रियायत नहीं देगा। चीन व्यापारिक युद्ध करने से नहीं डरता है और जरूरत पड़ने पर चीन को लड़ना पड़ेगा। वार्ता के लिए द्वार खुला है और लड़ने के लिए भी चीन तैयार है।

(श्याओयांग)

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